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अंबाला में 'EVM' पर तकरार: स्ट्रांग रूम में धरने पर बैठे कांग्रेस प्रत्याशी, सीसीटीवी डिस्प्ले को लेकर बवाल

May 12, 2026 4:39 PM

अंबाला। अंबाला नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां अब सड़कों से निकलकर स्ट्रांग रूम की दहलीज तक पहुंच गई हैं। ओपीएस विद्या मंदिर स्कूल में ईवीएम की सुरक्षा और सीसीटीवी डिस्प्ले को लेकर मंगलवार देर रात जमकर हंगामा हुआ। आलम यह था कि कांग्रेस प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्ट्रांग रूम के भीतर ही डेरा डाल दिया। हालात बेकाबू होते देख भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आया।

"अंधेरे में रखी जा रही है चुनाव प्रक्रिया" – विपक्ष का हमला

विपक्षी नेताओं ने प्रशासन पर पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। मेयर पद की प्रत्याशी कुलविंद्र कौर सैनी और वार्ड-12 से कांग्रेस उम्मीदवार मिथुन वर्मा ने सवाल उठाया कि जब ईवीएम जमा की जा चुकी थीं, तब तक सीसीटीवी कैमरे और उनकी डिस्प्ले चालू क्यों नहीं थी? मिथुन वर्मा ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, "हमने दोपहर में ही अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के लिए कहा था, लेकिन रात 11 बजे तक भी तार जोड़े जा रहे थे। सीसीटीवी तो ईवीएम आने से पहले ही शुरू हो जाने चाहिए थे, यहाँ तो मतगणना की रात तक जुगाड़ चल रहा है।"

अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी नहीं माने प्रत्याशी

धरने पर बैठी कुलविंद्र कौर सैनी ने दोटूक कहा कि प्रत्याशियों को अपनी मेहनत (वोटों) की निगरानी का पूरा हक है। वहीं, कांग्रेस नेता वीशु शर्मा ने पूछा कि अगर प्रशासन की मंशा साफ है, तो डिस्प्ले को स्ट्रांग रूम के बाहर लगाने में हिचकिचाहट क्यों? हंगामे के बीच एआरओ (ARO) और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने सफाई दी कि स्ट्रांग रूम के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और कैमरे 24 घंटे काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका निराधार है और प्रत्याशी जब चाहें तब पुरानी रिकॉर्डिंग चेक कर सकते हैं।

सुरक्षा घेरे में ईवीएम, सियासतदानों की उड़ी नींद

देर रात तक चली इस जद्दोजहद के बावजूद कई प्रत्याशी मौके से हटने को तैयार नहीं थे। उनकी मांग थी कि जब तक बाहर बड़ी स्क्रीन पर लाइव फीड नहीं दी जाती, वे वहीं डटे रहेंगे। फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन सीसीटीवी डिस्प्ले को लेकर हुआ यह विवाद अब अंबाला की सियासी गलियों में चर्चा का विषय बन गया है। प्रत्याशियों की इस 'रात भर की चौकसी' ने यह साफ कर दिया है कि मतगणना से पहले राजनीतिक दलों का भरोसा डगमगाया हुआ है।


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