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Barnala News: नशे के दैत्य ने निगला एक और घर का चिराग, ओवरडोज के कारण चार बच्चों के पिता की मौत

Feb 24, 2026 11:44 AM

बरनाला: पंजाब में नशे के बह रहे छठे दरिया ने एक और युवक की जिंदगी खत्म कर दी है। पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ शुरू किए गए 'नशा विरोधी अभियान' के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक नजर आ रही है। ताजा मामला तपा मंडी के ढिल्लवां ड्रेन के पास से सामने आया है, जहां नशे की ओवरडोज के कारण एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान राजू सिंह पुत्र गुरजंट सिंह, निवासी जमाला पत्ती रल्ला के रूप में हुई है। 

जानकारी के अनुसार, यह घटना तब सामने आई जब ढिल्लवां ड्रेन के पास के खेतों में एक बकरी चराने वाला व्यक्ति वहां से गुजर रहा था। उसने खेतों में एक युवक को बेहोशी की हालत में पड़ा देखा, जिसके बिल्कुल पास एक सिरिंज पड़ी थी। घबराए हुए चरवाहे ने तुरंत खेतों में काम कर रहे अन्य किसानों को आवाज लगाई, जिन्होंने तपा पुलिस को सूचित किया। मृतक राजू सिंह अपने पीछे चार मासूम बच्चों (तीन बेटियां और एक बेटा) का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया है। 

बताया जा रहा है कि राजू सिंह अपनी एक बेटी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने ससुराल जा रहा था। रास्ते में नशे की बुरी लत ने उसे ऐसा घेरा कि वह अपनी मासूम बेटी को छोड़कर मौत के मुंह में जा गिरा। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। घटना की सूचना मिलते ही सहायक थाना प्रभारी सतगुर सिंह और सिटी इंचार्ज बलजीत सिंह पुलिस पार्टी सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के वारिसों को सूचित किया और 'मिनी सहारा क्लब' की एम्बुलेंस के जरिए शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल तपा पहुंचाया। 

मौके पर मौजूद लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि यदि नशे के सौदागरों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई न की गई, तो पंजाब की युवा पीढ़ी पूरी तरह तबाह हो जाएगी। इलाका निवासियों ने मांग की कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ा जाए ताकि किसी और मां का बेटा या बच्चों का पिता नशे की भेंट न चढ़े।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक राजू सिंह की मौत ने न केवल एक जवान मौत की कहानी लिखी है, बल्कि चार मासूम बच्चों के भविष्य पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। जिस पिता ने अपनी बेटी को मोटरसाइकिल पर बिठाकर खुशी-खुशी ससुराल छोड़ने जाना था, उसका शव देखकर परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की इस बुरी बीमारी ने हंसते-खेलते घर को उजाड़ कर रख दिया है और अब इन चार बच्चों की परवरिश कौन करेगा, यह एक बड़ा और दर्दनाक सवाल है।

सरकारी दावों की निकली हवा

इस घटना ने पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और पुलिस प्रशासन की सतर्कता के दावों पर भी कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भारी रोष पाया जा रहा है कि यदि पुलिस और प्रशासन सचमुच गंभीर होते, तो खेतों और सड़कों के किनारों पर सरेआम नशे की सिरिंज और नशीले पदार्थों की उपलब्धता इतनी आसान न होती। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी नशे के सौदागरों की जड़ें न काटी गईं, तो आने वाले समय में पंजाब की पूंजी यानी युवा पीढ़ी पूरी तरह नशे के दलदल में डूब जाएगी।

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