Punjab News: बठिंडा में बीसीएल शराब फैक्ट्री में आग, काले धुएं से आसपास के गांव प्रभावित, बच्चों-बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी
Jun 19, 2026 1:15 PMबठिंडा: पंजाब के बठिंडा जिले के मसाना क्षेत्र में स्थित बीसीएल शराब फैक्ट्री में शुक्रवार सुबह आग लगने की घटना सामने आई है। आग लगने के बाद फैक्ट्री परिसर से घना काला धुआं निकलना शुरू हो गया, जो कुछ ही समय में आसपास के गांवों और रिहायशी इलाकों तक फैल गया। धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी की शिकायत होने लगी। सूचना मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन ने फायर ब्रिगेड को जानकारी दी, जिसके बाद दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
फैक्ट्री परिसर से उठा घना काला धुआं
शुक्रवार सुबह आग लगने के बाद बीसीएल शराब फैक्ट्री से लगातार काला धुआं निकलता रहा। धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया और इसका असर आसपास के कई गांवों में महसूस किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार धुएं की वजह से वातावरण में भारीपन महसूस हो रहा है और सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि आग के बाद हवा की गुणवत्ता में अचानक गिरावट आई है। कई स्थानों पर लोगों ने घरों के भीतर रहने को प्राथमिकता दी ताकि धुएं के प्रभाव से बचा जा सके।
बच्चों और बुजुर्गों को हुई परेशानी
घने धुएं का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से श्वास संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर देखा गया। कई लोगों ने सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत की है। स्थानीय स्तर पर लोगों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। अस्थमा के मरीजों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को भी एहतियाती कदम उठाने चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने आग पर नियंत्रण पाने के लिए अभियान शुरू किया और लगातार प्रयास जारी रखे हुए हैं। आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है। फैक्ट्री प्रबंधन भी राहत और नियंत्रण कार्यों में प्रशासन का सहयोग कर रहा है। आग की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्र का आकलन किया जा रहा है ताकि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।
जांच के साथ हवा की गुणवत्ता पर भी नजर
ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि धुएं के प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाना चाहिए ताकि संभावित स्वास्थ्य जोखिमों का पता चल सके। प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही आग लगने के कारणों की गहन जांच भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।