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Bhiwani News: भिवानी के मैकेनिक का कमाल, कबाड़ स्कूटी से बना दी मिनी बुलेट 'पिंकी-2'

May 21, 2026 11:21 AM

भिवानी। हरियाणा के युवाओं के टैलेंट और उनके देसी जुगाड़ का कोई सानी नहीं है। ऐसा ही एक कारनामा भिवानी में देखने को मिला है, जहां नेहरू पार्क के सामने (घंटाघर से हांसी गेट मार्ग) दुकान चलाने वाले एक आम मैकेनिक दीपक ने अपने हुनर की बदौलत एक अद्भुत मिनी बाइक तैयार की है। दीपक ने इस छोटी सी मोटरसाइकिल का नाम बेहद दिलचस्प यानी 'पिंकी-2' रखा है। इस बाइक को बनाने के पीछे की कहानी भी काफी रोचक है। दरअसल, दिल्ली के एक व्यक्ति ने ऐसी ही एक मिनी बाइक बनाकर सोशल मीडिया पर चुनौती दी थी, जिसे भिवानी के दीपक ने एक कलाकार के रूप में स्वीकार किया और अपनी वर्कशॉप में दिन-रात एक करके इस बाइक को अस्तित्व में ला दिया।

सवा महीने की मेहनत और अलग-अलग गाड़ियों के कल-पुर्जे

दीपक ने मीडिया से बातचीत में बताया कि एक पुरानी कबाड़ हो चुकी एक्टिवा स्कूटी को आधार बनाकर उन्होंने इस मिनी बाइक की रूपरेखा तैयार की थी। आधी स्कूटी और आधे हिस्से को अपने हाथ से वेल्डिंग और कस्टमाइज करके उन्होंने इसे एक आकर्षक बाइक का रूप दिया। इसे बनाने में कुल सवा महीने यानी करीब 40 दिन का वक्त लगा। कारीगरी ऐसी है कि इसमें रॉयल एनफील्ड बुलेट की भारी-भरकम टंकी को बीच से काटकर छोटा करके लगाया गया है। इसके अलावा, हैंडल के संतुलन के लिए यामाहा RX-100 की 'हैंडल-टी' और सस्पेंशन के लिए हीरो होंडा के शॉकर्स का इस्तेमाल किया गया है, जबकि शॉकर्स के निचले हिस्से में एक्टिवा की लेग फिट की गई है।

व्यवसाय नहीं, टैलेंट दिखाने की थी कोशिश; अब ई-बाइक बनाने का लक्ष्य

इस पूरी कलाकृति को धरातल पर उतारने में करीब 35 से 40 हजार रुपये का निवेश हुआ है। वर्कशॉप के सह-संचालक पवन सैनी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस 'मिनी बुलेट' को किसी व्यावसायिक लाभ या बेचने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि घरेलू उपयोग और यह साबित करने के लिए बनाया है कि हरियाणा के कारीगरों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बाइक की स्पीड को मैकेनिकल तरीके से 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे पर लॉक किया गया है। दीपक ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से भी अपील की है कि इस रचनात्मक प्रयास को देखते हुए उन्हें इसे सड़क पर टेस्ट करने की विशेष अनुमति दी जाए।

सफलता के इस पहले पड़ाव के बाद, अब दीपक और पवन की जोड़ी इस गाड़ी को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की मुहिम में जुट गई है। वर्कशॉप में अब पिंकी-2 को पेट्रोल इंजन से हटाकर इलेक्ट्रिक मोड पर कन्वर्ट करने के लिए जरूरी किट और सामान जुटाया जा रहा है। उनका अनुमान है कि आगामी दो महीनों के भीतर यह मिनी बाइक बिना पेट्रोल के, बैटरी की ताकत पर फर्राटा भरती नजर आएगी।

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