भिवानी में पुलिस को देख भाग रहे थे बदमाश, ग्रिल से टकराई बाइक और टूट गईं टांगें
Mar 14, 2026 4:39 PM
भिवानी। भिवानी पुलिस की सीआईए-2 यूनिट ने शनिवार को बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो ऐसे अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, जो न केवल हरियाणा बल्कि राजस्थान पुलिस के लिए भी सिरदर्द बने हुए थे। चरखी दादरी के रहने वाले जोनी और अंकित नाम के ये बदमाश किसी बड़ी वारदात की फिराक में देवसर रोड पर घात लगाकर बैठे थे। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। भागने के चक्कर में बदमाशों ने अपनी बाइक इतनी तेज दौड़ाई कि वह अनियंत्रित होकर नहर की लोहे की ग्रिल से जा भिड़ी, जिसका नतीजा यह हुआ कि दोनों बदमाशों को अब जेल से पहले अस्पताल का चक्कर काटना पड़ रहा है।
जोनी का लंबा आपराधिक इतिहास, राजस्थान तक फैला था खौफ
पकड़े गए आरोपियों में जोनी एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ चरखी दादरी, भिवानी और हिसार के अलावा राजस्थान में भी संगीन मुकदमे दर्ज हैं। डीएसपी अनूप कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जोनी पर हत्या, मर्डर की कोशिश, डकैती और चोरी के करीब 25 से 30 केस दर्ज हैं। वहीं उसके साथी अंकित पर भी हत्या के प्रयास सहित दो मुकदमे चल रहे हैं। ये दोनों इलाके में किसी संगीन अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस को उनके ठिकाने की भनक लग गई।
सस्पेंस भरा रहा गिरफ्तारी का घटनाक्रम
गिरफ्तारी का यह पूरा मामला किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। सीआईए-2 इंचार्ज विशेष कुमार को सटीक सूचना मिली थी कि तोशाम बाईपास पर नहर के पास दो संदिग्ध युवक मुंह ढककर बाइक पर बैठे हैं। जैसे ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, बदमाशों ने सरेंडर करने के बजाय भागना बेहतर समझा। तेज रफ्तार बाइक मोड़ते समय वह नहर के किनारे लगी ग्रिल से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बदमाशों की टांगों की हड्डियां टूट गईं। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को काबू कर लिया और तुरंत इलाज के लिए भर्ती कराया।
पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी वारदात
डीएसपी अनूप कुमार के मुताबिक, इन बदमाशों के पकड़े जाने से क्षेत्र में अपराध के कई पुराने मामलों के सुलझने की उम्मीद है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शनिवार को ये दोनों वारदात को अंजाम देने वाले थे और इनके साथ गिरोह के और कितने सदस्य जुड़े हुए हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है और अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।