Bhiwani News: भिवानी टेक्सटाइल लिमिटेड में मजदूरों का फूटा गुस्सा, मई की सैलरी कटने पर शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
Jun 16, 2026 12:36 PM
भिवानी। हरियाणा के भिवानी में औद्योगिक श्रमिकों के शोषण और हकमारी का एक बड़ा मामला गरमा गया है। भिवानी टेक्सटाइल लिमिटेड (जीबीटीएल) में काम करने वाले सैकड़ों ठेका मजदूरों ने प्रबंधन और ठेकेदारों की मनमानी के खिलाफ सोमवार को टूल-डाउन हड़ताल कर दी। अपनी मांगों को लेकर मुखर हुए इन कर्मचारियों ने शहर की सड़कों पर नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री और श्रम विभाग के नाम एक कड़ा मांगपत्र भेजा। मजदूरों का साफ कहना है कि जब तक कानून के मुताबिक उन्हें उनका वाजिब हक नहीं मिलता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।
अप्रैल में बढ़ा पगार, मई आते ही ठेकेदारों ने मार लिया डाका; मजदूरों ने बयां किया दर्द
प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने बताया कि हरियाणा सरकार ने बीते 9 अप्रैल को ही प्रदेश के सभी श्रेणी के मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इस नियम के तहत भिवानी टेक्सटाइल लिमिटेड के ठेका मजदूरों को अप्रैल महीने का वेतन ₹15,220 दिया भी गया था। मगर, मई महीना आते ही ठेकेदारों ने सरकार की आंखों में धूल झोंकते हुए सैलरी घटा दी और वापस पुराना वेतन यानी महज ₹11,275 थमा दिया। मजदूरों ने इस कटौती को सीधे तौर पर अपने पेट पर लात मारना और कानून का उल्लंघन बताया है। इसी वादाखिलाफी से तंग आकर आखिरकार उन्हें काम छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ा।
न पहचान पत्र, न छुट्टी का पैसा; ओवरटाइम के नाम पर बंधुआ मजदूरी का आरोप
लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कंपनी के भीतर चल रहे कथित खेल को उजागर किया। उन्होंने बताया कि इस नामी टेक्सटाइल मिल में सालों से पसीना बहा रहे ठेका श्रमिकों को न तो आज तक कोई औपचारिक नियुक्ति पत्र (अपॉइंटमेंट लेटर) मिला है और न ही पहचान पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा, नियमों को ताक पर रखकर उनसे छुट्टी वाले दिनों में भी काम कराया जाता है, लेकिन उसका कोई ओवरटाइम या नियमानुसार डबल भुगतान नहीं मिलता। कंपनी में वेज स्लिप (सैलरी की पर्ची) तक नहीं दी जाती, जिससे यह साफ ही नहीं होता कि पीएफ और ईएसआई के नाम पर कितनी रकम काटी जा रही है। साप्ताहिक अवकाश और सरकारी छुट्टियों का लाभ भी इन ठेका मजदूरों की पहुंच से दूर है।
'आर-पार की होगी लड़ाई', जिला प्रशासन और श्रम विभाग को अल्टीमेटम
श्रमिक नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यह हड़ताल महज एक सांकेतिक शुरुआत है। अगर जिला प्रशासन और श्रम विभाग ने तुरंत दखल देकर भिवानी टेक्सटाइल के प्रबंधन को नहीं सुधारा, तो आने वाले दिनों में इस औद्योगिक क्षेत्र का चक्का पूरी तरह जाम कर दिया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि श्रेणी के हिसाब से सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन तुरंत लागू हो, साप्ताहिक और घोषित सरकारी छुट्टियां सभी को समान रूप से मिलें और ओवरटाइम का पूरा हिसाब कानूनन डबल रेट से चुकता किया जाए। फिलहाल, प्रशासन ने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन मजदूरों ने साफ कर दिया है कि वे कोरे आश्वासनों के झांसे में अब और नहीं आने वाले।