August 23, 2026

Bhiwani School News: सरकारी स्कूल के राशन में मिले कीड़े, DEEO ने टीचर को किया सस्पेंड

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Bhiwani School News: सरकारी स्कूल के राशन में मिले कीड़े, DEEO ने टीचर को किया सस्पेंड

सरकारी स्कूल के राशन में मिले कीड़े, DEEO ने टीचर को किया सस्पेंड

Bhiwani School News: हरियाणा के भिवानी जिले के गांव सांगवान स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय से सामने आई अव्यवस्थाओं की तस्वीरों के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील के राशन में कीड़े और सुरसरी मिलने की शिकायत के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।

भिवानी के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) विनय कुमार जिंदल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि एक अन्य शिक्षक को शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही भोजन बनाने वाली दो रसोइयों को भी काम से हटा दिया गया है।

CJP का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान और बदहाली का खुलासा

दरअसल, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नामक संगठन की ओर से चलाए जा रहे ‘हरियाणा के स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत 18 अगस्त को टीम सांगवान के प्राइमरी स्कूल पहुंची थी। संगठन के सदस्य लोकेश और उनकी टीम ने जब स्कूल का जायजा लिया, तो वहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में स्कूल के फर्श पर बिखरे गेहूं में सुरसरी रेंगती दिखी, वहीं पॉलिथीन में रखे मूंगफली के दानों में चींटियां पड़ी हुई थीं। यही नहीं, स्कूल के शौचालयों की छत और दीवारें जर्जर थीं और दरवाजे पर ‘नॉट इन यूज’ लिखकर पल्ला झाड़ लिया गया था।

40 बच्चों पर 3 शिक्षक, फिर भी चरमराई व्यवस्था

सरकारी आंकड़ों के अनुसार सांगवान के इस प्राइमरी स्कूल में कुल 40 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए 3 अध्यापकों की तैनाती की गई है। हालांकि, धरातल पर स्थिति यह है कि दो शिक्षकों की ड्यूटी सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण (SIR) कार्य में लगी होने के कारण पूरा स्कूल महज एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था। इसी प्रशासनिक खिंचाव का असर स्कूल के रख-रखाव और भोजन की गुणवत्ता पर भी देखने को मिला।

कार्रवाई पर उठे सवाल, सस्पेंशन नहीं समाधान की जरूरत

दूसरी ओर, विभाग की इस त्वरित कार्रवाई पर CJP सदस्यों ने असंतोष जताया है। संगठन के सदस्य लोकेश का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान निकाले बिना शिक्षकों को निलंबित करना या कुक को हटाना उचित नहीं है।

उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह की एकतरफा कार्रवाई से स्कूल शिक्षकों से खाली हो जाएंगे, जबकि जरूरत इस बात की है कि राशन आपूर्ति की गुणवत्ता और स्कूल के बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर किया जाए। फिलहाल, एक तरफ जहां विभाग मामले को शांत करने में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल की जर्जर दीवारों और घटिया राशन को लेकर ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।

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