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सेंसेक्स 700 अंक तक टूटा: निफ्टी भी फिसला, आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव

Jun 03, 2026 11:56 AM

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 699.74 अंक की गिरावट के साथ 73,959.48 अंक पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 177.40 अंक टूटकर 23,302.50 अंक पर कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे अधिक दबाव आईटी और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों पर देखा गया। बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहों में अमेरिकी-ईरान वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता को माना जा रहा है। निवेशक वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।  विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया से जुड़ी किसी भी अनिश्चितता का सीधा असर ऊर्जा बाजार और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर पड़ता है। इसी कारण वैश्विक बाजारों में भी सतर्कता का माहौल बना हुआ है। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी का असर बाजार की धारणा पर पड़ता है। ऊंची तेल कीमतें महंगाई और आयात बिल को प्रभावित कर सकती हैं। यही कारण है कि ऊर्जा बाजार में हर बड़े उतार-चढ़ाव पर निवेशक सतर्क प्रतिक्रिया देते हैं। सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में आईटी क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और एचसीएल टेक के शेयर शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में आईटी शेयरों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। इसका असर पूरे तकनीकी क्षेत्र के प्रदर्शन पर दिखाई दिया।

जहां एक ओर आईटी शेयरों में कमजोरी रही, वहीं कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। मारुति, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और भारती एयरटेल शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। इन कंपनियों में निवेशकों की रुचि ने बाजार की व्यापक गिरावट को कुछ हद तक संतुलित करने का प्रयास किया, हालांकि प्रमुख सूचकांक दबाव में ही रहे।

शेयर बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने 8,362.92 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिक्री की थी। विदेशी निवेशकों की निकासी का असर बाजार की धारणा पर साफ दिखाई दे रहा है। जब विदेशी पूंजी का बहिर्गमन बढ़ता है तो घरेलू बाजारों पर अतिरिक्त दबाव बनता है। एशियाई बाजारों में बुधवार को मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट बढ़त में कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग दबाव में रहा। दूसरी ओर अमेरिकी बाजार मंगलवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे। इसके बावजूद घरेलू बाजारों में स्थानीय और वैश्विक कारकों के चलते कमजोरी देखने को मिली।

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