Search

Sirsa News: "थाने में आग लगा देंगे", सिरसा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल का पुलिस को खुला चैलेंज

Jun 03, 2026 11:57 AM

सिरसा। हरियाणा के सिरसा जिले में कांग्रेस की जिला अध्यक्ष संतोष बेनीवाल अपने एक तीखे और विवादित बयान के कारण सीधे कानूनी और सामाजिक निशाने पर आ गई हैं। डबवाली की अनाज मंडी में आयोजित किसानों की एक महापंचायत को संबोधित करते हुए बेनीवाल के तेवर इस कदर बदल गए कि उन्होंने मर्यादा की लाइन ही लांघ दी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वे पुलिस प्रशासन को ललकारते हुए कह रही हैं, "कान खोलकर सुन लो, ये जो आवाज उठी है और जो हमारे किसान साथियों पर केस दर्ज किए गए हैं, अगर इनको वापस नहीं लिया गया तो हम थाने के अंदर आग लगाने का काम करेंगे।" इस बयान के सामने आने के बाद इलाके में तनाव के साथ-साथ इस पर लोगों की भारी नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

एसपी मैडम को सीधी चुनौती, कहा- किसानों की आहुति बेकार नहीं जाएगी

अपने संबोधन के दौरान संतोष बेनीवाल ने सीधे सिरसा की एसपी को मुखातिब करते हुए कहा कि वे इस मामले में सीधे पुलिस कप्तान से बात करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन कान खोलकर सुन ले कि जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें हर हाल में वापस लेना ही होगा। बेनीवाल ने मंच से किसान नेता मंगेज चौधरी की पीठ थपथपाते हुए कहा कि जहां भी किसी गरीब या किसान के आशियाने पर कुड़की (जब्ती) आती है, वहां मंगेज चौधरी और हमारे किसान भाई ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। इस महापंचायत में माहौल तब और गरमा गया जब राजस्थान के पूर्व विधायक बलवान पूनिया सहित पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई दिग्गज किसान नेता और सैकड़ों की तादाद में मजदूर वहां पहुंच गए।

क्या है पूरा विवाद? रिटायर्ड अफसर के मकान की सीलिंग और ताला तोड़ने का खेल

इस पूरे बवाल की जड़ें बैंक लोन और कानूनी कार्रवाई से जुड़ी हैं। दरअसल, यह पूरा मामला डबवाली के रहने वाले एक रिटायर्ड अधिकारी गुरमेल सिंह से ताल्लुक रखता है। गुरमेल सिंह ने अपनी संपत्ति गिरवी रखकर बैंक से एक बड़ा कर्ज लिया था, जिसे चुकाने में वे नाकाम रहे। लोन की किस्तें न आने पर बैंक ने सरफेसी एक्ट 2002 के तहत कानूनी कदम उठाया। सिरसा के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के आदेश पर इसी साल 11 मार्च 2026 को बैंक ने इस मकान पर अपना कानूनी कब्जा ले लिया था और वहां बकायदा सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए थे।

50 लोगों के साथ पहुंचे थे मंगेज चौधरी, जबरन पजेशन लेने पर बैंक ने कराया केस

प्रशासनिक कार्रवाई के करीब दो महीने बाद यानी 21 मई 2026 को इस कहानी में किसान नेताओं की एंट्री हुई। गुरमेल सिंह अपने साथ किसान नेता मंगेज चौधरी और करीब 40-50 अन्य लोगों की भीड़ लेकर अपने सीलशुदा मकान पर पहुंच गए। आरोप है कि इन लोगों ने कानून को ठेंगे पर रखकर बैंक द्वारा लगाए गए सरकारी ताले और सील को तोड़ दिया और मकान के अंदर जबरन दाखिल हो गए। यही नहीं, भीड़ के दम पर गुरमेल सिंह को वापस उस मकान पर बैठा दिया गया। इस अवैध कब्जे और आपराधिक घुसपैठ के खिलाफ एचडीएफसी (HDFC) बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद डबवाली पुलिस ने मंगेज चौधरी और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। अब इसी मुकदमे को रद्द कराने के लिए खाप और किसान संगठन आर-पार की लड़ाई का मन बना रहे हैं।

You may also like:

Please Login to comment in the post!