शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी; सेंसेक्स 633 अंक चढ़ा, निफ्टी भी मजबूत
Mar 18, 2026 6:06 PM
मुंबई: स्थानीय शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला बुधवार को लगातार तीसरे दिन जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स 633 अंक चढ़ गया जबकि एनएसई निफ्टी 197 अंक के लाभ में रहा। कच्चे तेल के दाम में हल्की नरमी और दुनिया के अन्य प्रमुख बाजारों में मजबूत रुख से बाजार में तेजी रही।
तीस शेयर पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 633.29 अंक यानी 0.83 प्रतिशत बढ़कर 76,704.13 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 929.38 अंक तक चढ़ गया था। इसी प्रकार, पचास शेयर पर आधारित एनएसई निफ्टी 196.65 अंक यानी 0.83 प्रतिशत बढ़कर 23,777.80 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इटर्नल, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से लाभ में रहीं। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयर में एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, सन फार्मा और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि हाल की बिकवाली के बाद निचले स्तर पर लिवाली के समर्थन से घरेलू बाजारों में तेजी बनी रही। सौदों को पूरा करने और निचले स्तर पर लिवाली से तेजी चौतरफा रही। आईटी, रियल एस्टेट और वाहन क्षेत्रों की अगुवाई में मझोली और छोटी कंपनियों के शेयर में मजबूती देखी गई।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा कि स्थिर वैश्विक संकेतों के साथ बुधवार को लगातार तीसरे सत्र में बाजार में तेजी जारी रही। हालांकि अस्थिरता बनी हुई है। निफ्टी की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और सत्र के अधिकतर समय तक सकारात्मक रुख बना रहा। हालांकि, अंतिम घंटों में मुनाफावसूली से कुछ बढ़त कम हुई।
उन्होंने कहा कि आईटी शेयर में तेजी रही और बाजार में जारी बढ़त में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 2.39 प्रतिशत और छोटी कंपनियों से जुड़े स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक में 1.59 प्रतिशत की तेजी आई।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर तनाव का जारी रहना, रुपये की विनिमय दर में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में फिर से अस्थिरता आने की आशंका बाजार के प्रतिभागियों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर रही है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अनुकूल संकेतों के कारण तीन दिनों तक मजबूत उछाल के बाद, बाजारों में सतर्कता बनी रह सकती है। इसका कारण निवेशकों की धारणा पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की निरंतर गतिविधि के प्रति संवेदनशील बनी हुई है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.10 प्रतिशत टूटकर 103.3 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी पांच प्रतिशत और जापान का निक्की 2.87 प्रतिशत मजबूत हुए। चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 4,741.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,225.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सेंसेक्स मंगलवार को 567.99 अंक चढ़ा था जबकि निफ्टी में 172.35 अंक की तेजी रही थी।