"भाजपा को समाज से नहीं, सिर्फ वोट से सरोकार"- हिसार में बरसे कांग्रेस सांसद जेपी
May 03, 2026 5:13 PM
हिसार (जग मार्ग)। हरियाणा की राजनीति में बयानों के तीर अब मर्यादा की सीमा लांघने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद जयप्रकाश (जेपी) ने आक्रामक रुख अपना लिया है। रविवार को हिसार के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए जेपी ने रेखा शर्मा के व्यवहार को 'असंस्कारी' करार दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि जिस पार्टी के नेता अपने पूर्वजों और प्रदेश के निर्माताओं का सम्मान नहीं कर सकते, वे जनता का भला क्या करेंगे।
"अगर विपक्ष बोलता तो अब तक इस्तीफा मांग चुकी होती भाजपा"
सांसद जयप्रकाश ने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बड़ौली जिस तरह रेखा शर्मा का बचाव कर रहे हैं, उससे साफ है कि यह भाजपा की सोची-समझी रणनीति है। जेपी ने सवाल दागा, "अगर यही बात विपक्ष के किसी नेता ने कही होती, तो क्या भाजपा अब तक उसका इस्तीफा नहीं मांग चुकी होती?" उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और उनसे जवाब मांगा।
कुलदीप बिश्नोई के रुख पर साधी सावधानी
जब पत्रकारों ने कुलदीप बिश्नोई के बयानों पर सवाल किया, तो जेपी ने इसे भाजपा का 'घरू मामला' बताया। हालांकि, उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि चौधरी भजनलाल का सम्मान केवल एक परिवार या पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा का गौरव है। इसलिए, राजनीति से ऊपर उठकर इस ओच्छी टिप्पणी का विरोध होना चाहिए।
इनेलो-जजपा पर वार: "सिरसा में कार्रवाई, दिल्ली से फोन"
सांसद जयप्रकाश ने इनेलो और जजपा को भाजपा की 'ए और बी टीम' बताते हुए कहा कि दुष्यंत चौटाला से जुड़े हालिया पुलिस विवाद महज एक दिखावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिरसा में जो भी कार्रवाई होती है, उसकी डोर दिल्ली से जुड़ी है। जेपी के मुताबिक, ये पार्टियां केवल विपक्ष के वोटों को बांटने के लिए भाजपा के इशारे पर काम कर रही हैं।
बेरोजगारी और कानून व्यवस्था पर घेरा
प्रदेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए सांसद ने कहा कि हरियाणा आज बेरोजगारी का हब बन चुका है। नौकरियां पारदर्शी तरीके से देने के बजाय बेची जा रही हैं और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि इन ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाए। जयप्रकाश ने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक रेखा शर्मा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगतीं, प्रदेश की जनता इस 'असंस्कारी राजनीति' का जवाब देती रहेगी।