रेखा शर्मा की टिप्पणी पर बवाल: विधायक दौलतपुरिया ने पूर्व विधायक दुड़ाराम को घेरा, बोले- "डूब मरने वाली बात है"
May 03, 2026 3:58 PM
फतेहाबाद (जग मार्ग)। हरियाणा की राजनीति के पुरोधा रहे दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा की कथित टिप्पणी ने प्रदेश के सियासी पारे को गरमा दिया है। इस मामले में अब फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने तीखे तेवर अपनाते हुए पूर्व विधायक दुड़ाराम को आड़े हाथों लिया है। दौलतपुरिया ने साफ लफ्जों में कहा कि दुड़ाराम का वजूद ही चौधरी भजनलाल के नाम से है, लेकिन आज जब उनके परिवार और व्यक्तित्व पर कीचड़ उछाला जा रहा है, तो दुड़ाराम ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है।
"जमीर बचा है तो रेखा शर्मा से माफी मंगवाएं"
बलवान दौलतपुरिया ने दुड़ाराम को घेरते हुए कहा कि वोटों के समय तो वे समाज की दुहाई देते हैं, लेकिन जब 'बिश्नोई रत्न' के सम्मान की बात आई तो उन्होंने मौन व्रत धारण कर लिया। विधायक ने तंज कसते हुए कहा, "जिस व्यक्ति ने चौधरी भजनलाल की उंगली पकड़कर सियासत का ककहरा सीखा, आज उनके खिलाफ ओच्छी टिप्पणी होने पर दुड़ाराम के मुंह में दही जम गई है। अगर उनमें थोड़ी भी जमीर बची है, तो उन्हें भाजपा हाईकमान पर दबाव बनाकर रेखा शर्मा से सार्वजनिक माफी मंगवानी चाहिए।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुड़ाराम चुप रहे, तो बिश्नोई समाज उन्हें आने वाले समय में कड़ा सबक सिखाएगा।
भाजपा हाईकमान और बड़ौली पर भी निशाना
दौलतपुरिया यहीं नहीं रुके; उन्होंने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के बयानों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बड़ौली जिस तरह से इस मामले को देख रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि रेखा शर्मा का बयान निजी न होकर भाजपा का अधिकृत बयान था। यह उस व्यक्ति का अपमान है जिसने हरियाणा में भाजपा की जड़ें मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। दौलतपुरिया ने मांग की कि भाजपा नेतृत्व तुरंत रेखा शर्मा को नोटिस जारी करे ताकि प्रदेश के जनमानस की आहत भावनाओं को शांत किया जा सके।
कुलदीप बिश्नोई के लड़ने के जज्बे पर भरोसा
अपने संबोधन के अंत में दौलतपुरिया ने कुलदीप बिश्नोई का जिक्र करते हुए उन्हें 'फ्रंटलाइन का लड़ाका' बताया। उन्होंने कहा कि चाहे सत्ता हो या विपक्ष, कुलदीप हमेशा अपने परिवार और समाज के सम्मान के लिए आगे आकर लड़ते हैं। विधायक ने विश्वास जताया कि कुलदीप बिश्नोई इस अपमान को चुपचाप नहीं सहेंगे और जल्द ही इस लड़ाई को फ्रंटलाइन पर आकर लड़ेंगे। दौलतपुरिया ने दुड़ाराम की चुप्पी को एक 'साजिश' करार देते हुए कहा कि प्रदेश का बच्चा-बच्चा आहत है और ऐसे में अपनों का मौन रहना डूब मरने वाली बात है।