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Breaking: आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का भाजपा में शमिल होने का बड़ा एलान, बोले- 10 में से 7 सांसद साथ

Apr 24, 2026 5:14 PM

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा एलान किया कि पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस फैसले में संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता उनके साथ हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक माने जा रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे।

दलबदल कानून पर राघव का तर्क

राघव चड्ढा ने स्पष्ट किया कि इस फैसले में पार्टी के दो-तिहाई सांसद शामिल हैं, इसलिए दलबदल कानून लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों के तहत भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है। राघव ने यह भी कहा कि उन्हें लंबे समय से महसूस हो रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। उनका बयान पार्टी के भीतर बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत देता है और इससे राष्ट्रीय स्तर पर AAP की स्थिति पर असर पड़ सकता है।

अशोक मित्तल और ED छापे का संदर्भ

अशोक कुमार मित्तल, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन हैं, उनके जालंधर स्थित आवास पर 15 अप्रैल को ED ने छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दस दिन बाद उनका भाजपा में शामिल होने का निर्णय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। इस घटनाक्रम ने विपक्ष को सरकार की एजेंसियों के उपयोग पर सवाल उठाने का मौका दिया है। हालांकि, इस पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भगवंत मान का तीखा हमला

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी एक विचारधारा है, जहां लोग पैसा कमाने नहीं बल्कि सेवा करने आते हैं। मान ने ED को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो उनके घर भी छापा मारा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले भी विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया है और अब AAP सांसदों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा पर गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि भाजपा पंजाब में मजबूत आधार न होने के कारण इस तरह की रणनीति अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राज्य के विकास फंड को रोका और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की। किसान आंदोलन के दौरान भी भाजपा पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए मान ने कहा कि यह पार्टी पंजाबियों की भावनाओं को नहीं समझती। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के पास पंजाब में कोई स्पष्ट विकल्प नहीं है।

“वॉशिंग मशीन” राजनीति का आरोप

भगवंत मान ने भाजपा को “वॉशिंग मशीन” बताते हुए कहा कि यह वही तरीका है जिससे पहले शरद पवार की पार्टी को तोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को अपने साथ मिलाकर उन्हें राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करती है। मान ने चेतावनी दी कि पंजाब के लोग विश्वासघात को आसानी से नहीं भूलते और इसका असर आने वाले चुनावों में दिखेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी बड़ी होती है, व्यक्ति नहीं, और यह घटनाक्रम भी उसी का उदाहरण है।

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