चंडीगढ़: यूटी चंडीगढ़ के साइबर क्राइम थाना ने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कीम के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की तत्परता और समन्वय से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक (32 वर्षीय), विकास नगर, मोहाली निवासी तथा ऋषभ गांधी (25 वर्षीय), निवासी ढकोली, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी साइबर ठगी के मामलों में बैंक खातों की व्यवस्था कर फर्जी लेनदेन को अंजाम देने में शामिल थे। यह मामला 13 जनवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2) तथा 61(2) के तहत दर्ज किया गया।
मामले की शिकायत मनीमाजरा निवासी सनी कुमार ने दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने यूट्यूब पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें ऑनलाइन निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच दिया गया था। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उसे व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया गया और “एडीवीपीएमए” नामक एक फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाया गया। एप पर दिखाए गए नकली मुनाफे के आधार पर ठगों ने उससे चरणबद्ध तरीके से पैसे जमा करवाए। 25 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच शिकायतकर्ता ने अपने एचडीएफसी और एसबीआई बैंक खातों से कुल 14.40 लाख रुपये एनईएफटी और आईएमपीएस के माध्यम से ट्रांसफर किए। जब उसने राशि निकालने की कोशिश की तो ठगों ने संपर्क बंद कर दिया, जिससे उसके साथ ठगी का खुलासा हुआ।
कमीशन पर खाते उपलब्ध करा रहे थे आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और केवाईसी का विश्लेषण किया। इसमें पता चला कि 2 जनवरी 2026 को 1.60 लाख रुपये एक्सिस बैंक के एक खाते में जमा किए गए थे, जो सेक्टर-38डी चंडीगढ़ स्थित ‘प्राइम एंटरप्राइजेज’ नामक फर्म के नाम पर था। यह खाता विवेक के नाम पर दर्ज पाया गया। इसके बाद पुलिस ने सेक्टर-56 चंडीगढ़ और पीर मुछल्ला, ढकोली (पंजाब) में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे कमीशन के बदले अपने और अन्य लोगों के बैंक खातों को साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराते थे। इनमें निवेश ठगी, डिजिटल अरेस्ट और वर्क-फ्रॉम-होम जैसी ठगी शामिल हैं।
आर्थिक तंगी में सौंपा बैंक खाता, दिल्ली-नोएडा के ठगों से जोड़ा नेटवर्क
विवेक ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने अपना बैंक खाता अन्य साथियों को सौंप दिया था। वहीं ऋषभ गांधी ने बताया कि उसने दिल्ली और नोएडा में सक्रिय साइबर ठगों से संपर्क कर खातों की व्यवस्था करवाई। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस कार्रवाई को एसपी साइबर गीताांजलि खंडेलवाल (आईपीएस) के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। अभियान का संचालन डीएसपी साइबर क्राइम एवं आईटी ए. वेंकटेश के मार्गदर्शन तथा सेक्टर-17 स्थित साइबर क्राइम थाना की एसएचओ इंस्पेक्टर इरम रिजवी की निगरानी में किया गया।
फर्जी मुनाफे के वादों से बचें, साइबर ठगी की तुरंत दें सूचना
साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या यूट्यूब पर दिखने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों पर भरोसा न करें, जो असामान्य मुनाफे का दावा करते हैं। किसी भी लिंक से ट्रेडिंग एप डाउनलोड करने से बचें और ठगी होने की स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम थाना या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।