चंडीगढ़: चंडीगढ़ में अवैध रेहड़ी-फड़ी और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद नगर निगम एक्शन मोड में आ गया है। अदालत द्वारा 48 घंटे के भीतर अवैध वेंडर्स को सार्वजनिक जमीन से हटाने के आदेश के अनुपालन में बुधवार को नगर निगम चंडीगढ़ ने शहरभर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। इस अभियान के तहत बिना पंजीकरण और बिना अनुमति तय स्थानों के बाहर कारोबार कर रहे वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 310 चालान जारी किए गए। यह कार्रवाई खास तौर पर मनीमाजरा क्षेत्र समेत शहर के कई हिस्सों में की गई, जहां लंबे समय से फुटपाथों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध वेंडिंग को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। नगर निगम की प्रवर्तन टीमें सुबह से ही विभिन्न सेक्टरों में सक्रिय रहीं और नियमों का उल्लंघन करने वाले वेंडर्स की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की।


गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ में अवैध रेहड़ी-फड़ी और स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाया था। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बिना लाइसेंस और बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर बैठे वेंडर्स को 48 घंटे के भीतर हटाया जाए, जबकि लाइसेंसधारी वेंडर्स को केवल अधिसूचित वेंडिंग ज़ोन में ही काम करने की अनुमति होगी। साथ ही नगर निगम को सड़कों, फुटपाथों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने और इसकी रिपोर्ट हलफनामे के रूप में अदालत में पेश करने को कहा गया था।


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फील्ड स्तर पर अपनी गतिविधियां तेज कर दीं। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को शहर के कई हिस्सों में निरीक्षण किया गया और शाम छह बजे तक कुल 310 चालान जारी किए गए। कार्रवाई का मकसद केवल दंडात्मक कदम उठाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त करना और आम नागरिकों की आवाजाही को सुगम बनाना है। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, आईएएस ने सभी स्ट्रीट वेंडर्स से अपील की है कि वे स्ट्रीट वेंडर्स (प्रोटेक्शन ऑफ़ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ़ स्ट्रीट वेंडिंग) एक्ट और उससे जुड़े नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की जा रही है और आगे भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।




अवैध फड़ियों से पैदल यात्रियों को करना पड़ रहा था दिक्कतों का सामना, अब मिलेगी राहत

पिछले कुछ समय से शहर में अवैध वेंडिंग के कारण पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। फुटपाथों पर फड़ियां लगने से लोग सड़कों पर चलने को मजबूर होते थे, जिससे दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही थी। व्यापारिक संगठनों और स्थानीय निवासियों की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि वैध और पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स के अधिकारों और आजीविका की पूरी सुरक्षा की जाएगी, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण और वेंडिंग नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम का कहना है कि नियमों के तहत जिन वेंडर्स को वेंडिंग ज़ोन या निर्धारित स्थल आवंटित किए गए हैं, उन्हें वहीं से कारोबार करना होगा।



मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान ने दाखिल की थी याचिका

मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह ने अवैध वेंडरों के खिलाफ याचिका दायर की थी। मलकीत सिंह ने कहा कि अवैध वेंडिंग को लेकर उन्होंने और अन्य व्यापारियों ने अदालत का दरवाज़ा इसलिए खटखटाया, क्योंकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे थे। उनके अनुसार, वेंडिंग ज़ोन बनाए जाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं हुआ और ढीली कार्रवाई के चलते अवैध वेंडर्स दोबारा सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि फुटपाथों और बाजारों पर कब्जे से यातायात बाधित होता है और पैदल चलने वालों, खासकर बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा प्रभावित होती है।

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