Chandigarh News: अब पार्किंग समस्या का होगा स्मार्ट समाधान, चंडीगढ़ ने दिल्ली से सीखा मल्टी-लेवल पार्किंग का मॉडल
Jun 12, 2026 5:21 PM
चंडीगढ़: शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव और पार्किंग की चुनौती से निपटने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने आधुनिक और तकनीक आधारित समाधान की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मेयर सौरभ जोशी ने चंडीगढ़ के चीफ आर्किटेक्ट राजीव कुमार मेहता और नगर निगम के चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा के साथ नई दिल्ली पहुंचकर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित मल्टी-लेवल पार्किंग परियोजनाओं का अध्ययन किया। यह दौरा पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के निर्देशों के तहत किया गया, ताकि चंडीगढ़ के लिए ऐसी पार्किंग व्यवस्था तैयार की जा सके जो भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ शहर की खूबसूरती और योजनाबद्ध स्वरूप को भी बनाए रखे।
प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग, सरोजिनी नगर, ग्रेटर कैलाश-1 सहित कई प्रमुख स्थानों पर स्थापित अत्याधुनिक पार्किंग सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने डीडीए, एमसीडी और एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इन परियोजनाओं की योजना, निर्माण, संचालन और आर्थिक मॉडल की जानकारी हासिल की। इस दौरान डीडीए के फाइनेंस मेंबर चेतन राव, डायरेक्टर (वर्क्स) अमित सिंह और चीफ आर्किटेक्ट हरलीन बेहल से भी चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने रोबोटिक पार्किंग, मैकेनाइज्ड पार्किंग सिस्टम, स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट और निजी भागीदारी से संचालित मॉडलों को बारीकी से समझा।
दिल्ली की इन परियोजनाओं से मिले अनुभव में सामने आया कि आधुनिक पार्किंग सिस्टम ने व्यस्त इलाकों में सड़क किनारे खड़े वाहनों की समस्या को कम किया है और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद की है। मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि चंडीगढ़ में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और अब समय आ गया है कि शहर में पारंपरिक पार्किंग व्यवस्था से आगे बढ़कर स्मार्ट और तकनीक आधारित समाधान अपनाए जाएं। उन्होंने कहा कि मल्टी-लेवल पार्किंग से न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा बल्कि सीमित जमीन का बेहतर उपयोग भी संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की पहचान एक सुनियोजित और खूबसूरत शहर के रूप में है, इसलिए नई पार्किंग व्यवस्था ऐसी होगी जो सुविधा बढ़ाने के साथ शहर के चरित्र को भी बनाए रखे। दौरे के आधार पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट में चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त पार्किंग मॉडल और क्रियान्वयन की संभावनाओं का सुझाव दिया जाएगा, जिसे यूटी प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। मेयर ने कहा कि स्मार्ट पार्किंग ही स्मार्ट, सुगम और आधुनिक चंडीगढ़ की कुंजी है।