Punjab Weather Update: चंडीगढ़ समेत पूरे पंजाब में गर्मी का प्रकोप जारी, 10 जिलों में लू के लिए अलर्ट, बठिंडा सबसे गर्म
May 19, 2026 10:04 AM
पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 24 मई तक हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। रविवार 18 मई को पंजाब के 10 जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई। राजस्थान और पाकिस्तान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म और सूखी हवाओं का असर पंजाब के मालवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। सोमवार को तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा रहा। बठिंडा राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मालवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से आने वाली तेज गर्म हवाएं हीटवेव की मुख्य वजह हैं। इन हवाओं का सबसे ज्यादा असर बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, मुक्तसर और फिरोजपुर जैसे मालवा क्षेत्र के जिलों में महसूस किया जा रहा है। साफ आसमान और बारिश की गतिविधियां बंद होने से दिन के समय तेज धूप सीधे तापमान बढ़ा रही है।
चंडीगढ़, मोहाली और पटियाला समेत कई इलाकों में दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आईं। लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में तापमान में और 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है।
बिजली की मांग ने तोड़े रिकॉर्ड
लगातार बढ़ रही गर्मी का असर बिजली खपत पर भी दिखाई दे रहा है। पंजाब में सोमवार को इस सीजन में पहली बार बिजली की मांग 13,555 मेगावाट तक पहुंच गई। शाम पांच बजे यह मांग करीब 12 हजार मेगावाट रही, जबकि रात सात बजे तक घटकर 10,174 मेगावाट दर्ज की गई।
पंजाब की रोजाना बिजली उत्पादन क्षमता करीब 4500 मेगावाट है। ऐसे में राज्य को सेंट्रल पूल से लगभग 9 हजार मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एयर कंडीशनर और कूलर के लगातार इस्तेमाल से मांग में तेजी आई है। अगर गर्मी इसी तरह बनी रही तो आने वाले दिनों में बिजली पर दबाव और बढ़ सकता है।
चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
चंडीगढ़ प्रशासन ने हीटवेव को देखते हुए लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। सभी सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, मॉल, होटल और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी और निजी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष वार्ड बनाए गए हैं। अस्पतालों में ORS और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए 104 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जहां गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर सलाह ली जा सकती है।
स्कूलों के लिए विशेष निर्देश
चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के लिए भी हीट सेफ्टी एडवाइजरी जारी की है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि छोटे बच्चों को तेज धूप से बचाया जाए और खेलकूद जैसी बाहरी गतिविधियां सुबह या छायादार जगहों पर कराई जाएं।
स्कूल परिसरों में साफ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रखने और वाटर कूलरों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि अगर किसी बच्चे में हीट स्ट्रोक या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत मेडिकल सहायता दी जाए। अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के दौरान सतर्क रहने को कहा गया है।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 20 से 23 मई तक पंजाब के 22 जिलों में हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। इनमें फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर, पटियाला, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और मोहाली समेत कई जिले शामिल हैं।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. शिविंद्र सिंह के मुताबिक फिलहाल कोई वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय नहीं है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना बेहद कम है और लोगों को लू से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए।
पंजाब में मानसून कब पहुंचेगा
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पंजाब में मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों दिशाओं से पहुंचता है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं उत्तर प्रदेश और दिल्ली होते हुए पटियाला, मोहाली और रूपनगर के रास्ते पंजाब में प्रवेश करती हैं।
वहीं अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाएं राजस्थान पार कर बठिंडा, फाजिल्का और फिरोजपुर के रास्ते राज्य में दाखिल होती हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार पंजाब में मानसून की एंट्री 30 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच हो सकती है। हालांकि इस सीजन सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है।