हरियाणा रोडवेज में सामान ले जाना पड़ेगा महंगा, जानिए 20 किलो से ज्यादा वजन होने पर कितना लगेगा किराया
May 18, 2026 5:43 PM
हरियाणा। हरियाणा की लाइफलाइन कही जाने वाली रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी और जेब पर असर डालने वाली खबर है। अक्सर देखा जाता है कि लोग रोडवेज बसों में अपनी सवारियों के साथ-साथ घर का भारी-भरकम साजो-सामान या व्यापारिक माल भी लाद लेते हैं, जिससे साथी मुसाफिरों को बैठने और पैर फैलाने तक की जगह नहीं मिलती। इसी अव्यवस्था पर नकेल कसने और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हरियाणा राज्य परिवहन ने सामान की एक बेहद विस्तृत और सख्त किराया सूची (टैरिफ चार्ट) जारी कर दी है। अब अगर आप बस में जरूरत से ज्यादा सामान लेकर चढ़े, तो कंडक्टर आपकी एक नहीं, बल्कि सामान के हिसाब से कई टिकटें काट सकता है।
साइकिल की आधी टिकट तो सोफे-अलमारी पर लगेगी 6 सवारियों जितनी चपत
विभाग द्वारा तैयार की गई यह नई सूची जितनी विस्तृत है, उतनी ही हैरान करने वाली भी है। नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई यात्री बस में अपने साथ सोफा सेट या बड़ी अलमारी जैसी चीजें लेकर चलता है, तो उसे 5 से लेकर 6 टिकटों तक का भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं, यदि आप अपनी साइकिल साथ ले जा रहे हैं तो आधी टिकट का पैसा देना होगा। तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक्स के शौकीनों के लिए नियम यह है कि एलसीडी (LCD) ले जाने पर आधी टिकट, जबकि पूरा कंप्यूटर सेट या पारंपरिक टीवी ले जाने पर एक पूरी सवारी का किराया वसूल किया जाएगा।
इस सूची का सबसे दिलचस्प पहलू जीवों के सफर से जुड़ा है; यदि आप पिंजरे में बंद कोई पक्षी लेकर बस में चढ़ते हैं तो आपको एक पूरी टिकट लेनी होगी, जबकि किसी चार पैरों वाले जानवर को साथ ले जाने की सूरत में दो टिकटों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा घरेलू चक्की, डबल बेड और अलमारी जैसे सामान के लिए 2 से 3 टिकटें निर्धारित की गई हैं।
20 किलो तक की ही छूट, वजन बढ़ते ही बदलेगा खेल
रोडवेज ने वजन के तराजू पर भी नए नियमों को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। अब हर मुसाफिर को अपने साथ अधिकतम 20 किलोग्राम तक का निजी सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति होगी। लेकिन जैसे ही सुई 20 किलो से पार होकर 40 किलो के बीच पहुंचेगी, यात्री को एक अतिरिक्त टिकट का पैसा चुकाना होगा। इसी तरह 40 से 80 किलो वजन होने पर दो टिकट और यदि सामान का वजन 80 किलोग्राम से ऊपर जाता है, तो तीन अतिरिक्त टिकटें कटवानी पड़ेंगी। व्यापारिक दृष्टिकोण से सफर करने वाले दुकानदारों के एक बैग पर आधी टिकट और उनके बंडलों (गांठों) के साइज के हिसाब से किराया तय किया जाएगा।
राहत की बात: गंभीर मरीजों, दिव्यांगों और बुजुर्गों के अधिकार सुरक्षित
भले ही सामान को लेकर रोडवेज ने अपने तेवर सख्त कर लिए हों, लेकिन समाज के जरूरतमंद वर्गों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा और राहत में कोई कटौती नहीं की गई है। विभाग ने साफ किया है कि कैंसर और थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों के साथ-साथ 100 प्रतिशत दिव्यांगों के लिए बस यात्रा पूरी तरह मुफ्त रहेगी। इतना ही नहीं, इन मरीजों के साथ चलने वाले एक सहायक (अटेंडेंट) और स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को भी फ्री सफर की सुविधा मिलती रहेगी। हरियाणा के मूल निवासी वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन्स) को मिलने वाली 50 फीसदी किराये की छूट पहले की तरह बहाल रहेगी। इसके अलावा, देश की सुरक्षा में तैनात सेना के जवानों के व्यक्तिगत सामान को इस नई किराया सूची के दायरे से बाहर रखा गया है।