चंडीगढ़: लद्दाख में आयोजित खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने वाली चंडीगढ़ की आइस हॉकी पुरुष एवं महिला टीमों का आज पंजाब लोक भवन में सम्मान किया गया। पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। प्रतियोगिता में चंडीगढ़ की पुरुष टीम ने रजत पदक जबकि महिला टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रशासक ने इसे चंडीगढ़ के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद खिलाड़ियों ने अद्भुत जज्बा और अनुशासन का परिचय दिया है।
कटारिया ने कहा कि लद्दाख और हिमाचल प्रदेश जैसे पारंपरिक आइस हॉकी क्षेत्रों की टीमों के विरुद्ध चंडीगढ़ का यह प्रदर्शन खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और मजबूत टीम भावना को दर्शाता है। उन्होंने कोचों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन ने खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में अहम योगदान दिया है। इस वर्ष प्रतियोगिता में चंडीगढ़ से 20 पुरुष खिलाड़ी, 18 महिला खिलाड़ी, दो कोच तथा सहायक अधिकारी शामिल हुए थे। आधारभूत संरचना और मौसम से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद टीमों ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई।
कार्यक्रम के दौरान आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने देश में आइस हॉकी के बढ़ते दायरे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह खेल अब हिमालयी क्षेत्रों से बाहर भी लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने इसके विस्तार के लिए सरकारी और संस्थागत सहयोग को और सशक्त करने की आवश्यकता जताई। प्रशासक ने खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि चंडीगढ़ प्रशासन खेल सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है, ताकि भविष्य में और अधिक युवा खेलों से जुड़ सकें। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल के प्रधान सचिव वी.पी. सिंह, चंडीगढ़ प्रशासन के खेल निदेशक सौरभ कुमार अरोड़ा, कोच तथा आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।