चंडीगढ़: शहर के नव-निर्वाचित मेयर सौरभ जोशी ने पदभार संभालने के बाद मंगलवार को अपना पहला फील्ड दौरा करते हुए नगर निगम चंडीगढ़ के अधीन संचालित पशु देखभाल व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रायपुर कलां स्थित गौशाला, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की गौशाला तथा इसी क्षेत्र में स्थित कैटल पाउंड का दौरा कर बुनियादी ढांचे, साफ-सफाई और पशु प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया। मेयर के साथ नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, पार्षद हरजीत सिंह, बिमला दुबे, गुरबख्श रावत सहित निगम के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मेयर ने पशुओं के रखरखाव, चारे-पानी की उपलब्धता, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। दौरे के दौरान मेयर ने निर्देश दिए कि नगर निगम द्वारा संचालित गौशालाओं में उत्पादित दूध को शनिवार से शहर के अनाथालयों में उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल नगर निगम की सामाजिक जिम्मेदारी और समावेशी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 


उन्होंने स्पष्ट किया कि गौशालाओं और कैटल पाउंड में पशुओं के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेयर सौरभ जोशी ने इंजीनियरिंग विंग को मौजूदा पशु इंसीनरेटर प्लांट को बायोगैस आधारित इंसीनरेटर में परिवर्तित करने की संभावनाएं तलाशने और इसकी विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए, ताकि यह व्यवस्था अधिक किफायती होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल बन सके। निरीक्षण के दौरान मेयर ने गौशालाओं और पशु शेडों की संरचनात्मक स्थिति, जलापूर्ति व्यवस्था, चारे की उपलब्धता, स्वच्छता मानकों तथा समग्र बुनियादी ढांचे का गहन आकलन किया। इस अवसर पर अवसंरचना के उन्नयन, दैनिक पशु प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने और पशुओं के लिए बेहतर आश्रय व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। 


पशु कल्याण के महत्व पर जोर देते हुए मेयर ने कहा कि पशु प्रबंधन प्रणालियों को और अधिक सुव्यवस्थित करना आवश्यक है, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण का पूरा ध्यान रखा जा सके। उन्होंने कहा कि गौशालाएं केवल पशुओं के आश्रय स्थल नहीं हैं, बल्कि यह पशु कल्याण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला निरीक्षण है और उनकी प्राथमिकता है कि बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और प्रबंधन के मानकों को समयबद्ध तरीके से बेहतर बनाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम बेहतर पशु देखभाल के लिए टिकाऊ और मानवीय समाधानों को अपनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि नगर निगम गौशालाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक व प्रभावी प्रबंधन प्रणालियों को लागू करने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। निरीक्षण के आधार पर सुविधाओं के उन्नयन, बेहतर रखरखाव और पशुओं के दीर्घकालिक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।

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