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Chhattisgarh News: सीएम साय ने पीएम मोदी को पेश किया 'बस्तर 2.0' प्लान, सड़कें-अस्पताल और स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा

Apr 07, 2026 1:47 PM

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यानी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास का विस्तृत ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के अंत के बाद राज्य में स्थापित शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और बस्तर के भविष्य की नई विकास रूपरेखा साझा की। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर दौरे के लिए आमंत्रित किया, जहां कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

बस्तर के लिए 360° विकास दृष्टि

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत योजना में बस्तर के लिए 360 डिग्री विकास दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें पर्यटन, स्टार्टअप, इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब क्षेत्र में शांति स्थापित हो चुकी है, जिससे विकास के नए अवसर खुले हैं। इस ब्लूप्रिंट के माध्यम से बस्तर में रोजगार, निवेश और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

कनेक्टिविटी और इंफ्रा को मजबूती

योजना के तहत सड़कों और पुलों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है। इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़े सुधार

बस्तर में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा और नए एजुकेशन सिटी स्थापित किए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल भी बनाए जाएंगे।

कृषि और सिंचाई को मिलेगा बल

कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार में परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह कदम बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा।

आजीविका और आय बढ़ाने का लक्ष्य

सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसके तहत 2029 तक 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना का विस्तार करते हुए इसे अधिक जिलों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर मिल सके।

स्टार्टअप और पर्यटन को बढ़ावा

‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है। पर्यटन के क्षेत्र में चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क जैसे स्थलों को विकसित किया जा रहा है। एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं भी इस योजना का हिस्सा हैं।

‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम को भी इस विकास योजना का अहम हिस्सा बताया। इसके तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाया जाएगा। साथ ही जरूरी दस्तावेज मौके पर ही बनाए जाएंगे और समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

पीएम दौरे में मिलेंगी बड़ी सौगातें

प्रस्तावित प्रधानमंत्री दौरे के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज और जगरगुंडा व ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जा सकता है। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।

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