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हरियाणा PPP बड़ी अपडेट: परिवार पहचान पत्र में गलत बिजली बिल की मैपिंग ऐसे करें ठीक, शुरू हुई नई सुविधा

Jun 02, 2026 11:37 AM

डेस्क। हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में दर्ज डेटा की गलतियों को लेकर आ रही शिकायतों पर अब विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। पीपीपी आईडी में कई परिवारों के बिजली कनेक्शन की गलत मैपिंग या गलत जानकारी फीड होने के मामले सामने आ रहे थे, जिससे आम लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा था या उनकी श्रेणी बदल रही थी। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभाग ने अब पोर्टल पर एक विशेष शिकायत और सुधार विकल्प को लाइव कर दिया है। इसके जरिए कोई भी नागरिक अपने पहचान पत्र में दर्ज बिजली विभाग के डेटा को घर बैठे ऑनलाइन दुरुस्त करवा सकता है।

यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, स्टेट कोऑर्डिनेटर ने दी जानकारी

पूरे मामले की जमीनी हकीकत स्पष्ट करते हुए पीपीपी के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि विभाग के संज्ञान में ऐसे ढेरों मामले आए हैं, जहां परिवार पहचान पत्र में दर्ज बिजली कनेक्शन का विवरण प्रदेश की दोनों मुख्य बिजली वितरण कंपनियों के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा था। उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के उपभोक्ताओं का डेटा मैपिंग के दौरान तकनीकी दिक्कतों के कारण गलत दर्ज हो गया था। डॉ. खोला के मुताबिक, इसी डेटा मिसमैच को ठीक करने के लिए यह नई शिकायत निवारण सुविधा शुरू की गई है, जिससे सीधे तौर पर लाखों उपभोक्ताओं को सहूलियत मिलेगी।

ऐसे करा सकेंगे सुधार; सही बिजली बिल और दस्तावेज करने होंगे अपलोड

विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, जिन नागरिकों को अपनी पीपीपी आईडी में बिजली कनेक्शन से जुड़ी त्रुटियां दिखाई दे रही हैं, वे अब सीधे परिवार पहचान पत्र की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। पोर्टल पर दिए गए निर्धारित शिकायत निवारण लिंक (Grievance Portal) के माध्यम से उपभोक्ता को अपना सही बिजली कनेक्शन नंबर दर्ज करना होगा। इसके साथ ही, प्रमाण के तौर पर अपना नवीनतम बिजली बिल या अन्य संबंधित आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने होंगे। इसके बाद संबंधित अधिकारी बिजली निगम के डेटाबेस से इसका मिलान करेंगे और पुष्टि होते ही पीपीपी में इसे तुरंत अपडेट कर दिया जाएगा।

आम आदमी पर असर: गलत डेटा की वजह से कट रहे थे राशन कार्ड

दरअसल, परिवार पहचान पत्र में बिजली का बिल एक तय सीमा (सालाना ₹12,000) से अधिक दिखने के कारण प्रदेश में कई परिवारों के बीपीएल (BPL) राशन कार्ड और अन्य सरकारी सुविधाएं स्वतः ही बंद हो गई थीं। कई मामलों में तो उपभोक्ता के पास कनेक्शन न होने के बावजूद उनके नाम पर गलत बिजली खाता नंबर मैप हो गया था। ग्रामीण और शहरी इलाकों के लोग इस तकनीकी खामी को ठीक करवाने के लिए लंबे समय से एडीसी कार्यालयों और सीएससी केंद्रों के चक्कर काट रहे थे। अब इस केंद्रीकृत ऑनलाइन व्यवस्था के शुरू होने से आम जनता को सरकारी दफ्तरों की धक्केशाही से बड़ी मुक्ति मिलने की उम्मीद है।

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