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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में श्रमिक और उद्योग साथ-साथ बढ़ रहे, बच्चों को मुफ्त शिक्षा योजना

Apr 11, 2026 4:35 PM

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उद्योग और श्रम विभाग के समन्वय से विकास की नई दिशा सामने आई है, जहां श्रमिकों और उद्योगों को साथ लेकर आगे बढ़ने की नीति के ठोस परिणाम दिखाई दे रहे हैं। राज्य सरकार ने श्रमिकों के जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उद्योगों को प्रोत्साहन देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 12 अप्रैल को उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन के अवसर पर उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया जा रहा है।

समन्वित विकास की स्पष्ट नीति

राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना ही वास्तविक विकास का आधार है। इसी सोच के तहत विभिन्न योजनाओं को लागू किया गया है, जिनका लाभ हजारों श्रमिकों को मिल रहा है।

रजत जयंती वर्ष में विकास की रफ्तार

छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना वर्ष में विकास की यह यात्रा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रही है। सरकार ने श्रमिक, युवा और उद्यमियों को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति अपनाई है। उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक संवेदनशीलता का संतुलन देखने को मिला है।

शिक्षा और प्रोत्साहन योजनाएं

श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना एक बड़ी पहल के रूप में सामने आया है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इससे श्रमिक परिवारों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और बच्चों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम

पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों तक सीधा फायदा पहुंचा है। आवास सहायता, दुर्घटना में आर्थिक मदद और अन्य योजनाओं ने श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है।

‘श्रम अन्न योजना’ बनी सहारा

श्रम अन्न योजना के तहत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है और दैनिक श्रमिकों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनी है।

औद्योगिक विकास में नई ऊंचाई

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत राज्य में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। नई इकाइयों की स्थापना और रोजगार के अवसरों में वृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। यह नीति छत्तीसगढ़ को औद्योगिक नक्शे पर मजबूत पहचान दिला रही है।

तकनीकी क्षेत्र में बढ़ते कदम

नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर की स्थापना, सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में निवेश जैसे कदम राज्य को आधुनिक तकनीकी युग की ओर ले जा रहे हैं। स्टार्टअप नीति के माध्यम से युवाओं को भी नए अवसर मिल रहे हैं।

पारदर्शिता और निवेश का माहौल

ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर प्रशासन ने पारदर्शिता बढ़ाई है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया आसान बनी है।

सामाजिक समावेशन पर जोर

महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरदराज क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना जैसे कदम यह सुनिश्चित करते हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

नेतृत्व और दृष्टि का प्रभाव

उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने नेतृत्व से यह साबित किया है कि स्पष्ट सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण से विकास को जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास, समृद्धि और समान अवसरों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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