Breaking: 170 दिन बाद रिहा होंगे वांगचुक, केंद्र सरकार ने एनएसए हटाया, तुरंत प्रभाव से लागू होगा फैसला
Mar 14, 2026 12:34 PM
नई दिल्ली: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) केंद्र सरकार ने हटा दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी आदेश के अनुसार यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू होगा। सितंबर 2025 में लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था और तब से वे जोधपुर जेल में बंद थे। अब करीब 170 दिन की हिरासत के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों के अनुसार उन्होंने NSA के तहत निर्धारित हिरासत अवधि का लगभग आधा समय पूरा कर लिया है।
लेह हिंसा के बाद हुई थी गिरफ्तारी
लद्दाख प्रशासन ने 24 सितंबर 2025 को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद कड़ी कार्रवाई की थी। प्रशासन का आरोप था कि इस हिंसा को भड़काने में सोनम वांगचुक की भूमिका रही। इसके दो दिन बाद यानी 26 सितंबर 2025 को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। तब से उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया था।
हिंसा में कई लोग हुए थे घायल
लेह में हुए प्रदर्शनों के दौरान स्थिति अचानक हिंसक हो गई थी। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार करीब 150 से अधिक लोग इस हिंसा में घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और कई लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी।
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और क्षेत्र के लिए संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसी आंदोलन के दौरान कई बार प्रदर्शन और धरने हुए। प्रशासन का आरोप था कि इन प्रदर्शनों के दौरान स्थिति बिगड़ी और हिंसा भड़क गई। इसके बाद सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की।
क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी NSA एक ऐसा कानून है जिसके तहत सरकार को यह अधिकार मिलता है कि वह ऐसे व्यक्ति को हिरासत में ले सके जिससे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो सकता है। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। सरकार परिस्थितियों के अनुसार हिरासत की अवधि तय करती है।
करीब साढ़े पांच महीने बाद रिहाई का रास्ता साफ
सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद करीब साढ़े पांच महीने का समय बीत चुका है। अब केंद्र सरकार के फैसले के बाद उनके खिलाफ लगाया गया NSA समाप्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आगे की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें जेल से रिहा किया जा सकता है।