Abhijeet Dipke: जानिए कौन हैं 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दीपके, 7 दिन में हिला दी सोशल मीडिया की दुनिया
May 23, 2026 1:05 PM
दिल्ली। भारतीय सोशल मीडिया के इतिहास में शायद ही किसी पेज या अभियान ने इतनी तेजी से सुर्खियां बटोरी होंगी, जितनी इस समय 'कॉकरोच जनता पार्टी' बटोर रही है। इंस्टाग्राम पर महज कुछ ही दिनों के भीतर 20 मिलियन (2 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स का आंकड़ा पार करने वाले इस प्लेटफॉर्म ने देश के बड़े-बड़े राजनीतिक दलों के पसीने छुड़ा दिए हैं। चाय की थड़ियों से लेकर सियासी गलियारों तक आज सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर इस कॉकरोच जनता पार्टी का असली कर्ता-धर्ता कौन है? इंटरनेट यूजर्स के इसी कौतूहल पर से पर्दा उठाते हुए हम आपको बताने जा रहे हैं उस युवा के बारे में, जिसने इस पूरे डिजिटल बवंडर को जन्म दिया है।
इस बेहद चर्चित और अनोखे अभियान को शुरू करने वाले शख्स का नाम अभिजीत दीपके है। अभिजीत मूल रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पुराना नाम औरंगाबाद) के रहने वाले हैं। वे एक पेशेवर पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट (राजनीतिक संचार रणनीतिकार) हैं, जिन्हें अच्छी तरह मालूम है कि डिजिटल दुनिया में जनता की नब्ज को कैसे पकड़ा जाता है।
इंजीनियरिंग छोड़ी, पत्रकारिता चुनी और अब अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से कर रहे हैं पढ़ाई
अभिजीत दीपके का अब तक का सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा छत्रपति संभाजीनगर से ही पूरी की। इसके बाद परिवार की इच्छा के मुताबिक उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला तो ले लिया, लेकिन तकनीकी पढ़ाई में उनका मन नहीं लगा। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर उन्होंने बीच में ही इंजीनियरिंग छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पुणे का रुख किया और वहां के एक प्रतिष्ठित संस्थान से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की। मीडिया और मास कम्युनिकेशन की बारीकियों को समझने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। मौजूदा समय में अभिजीत अमेरिका की मशहूर बोस्टन यूनिवर्सिटी (Boston University) से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की डिग्री ले रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल की टीम में संभाली कमान; मनीष सिसोदिया से है गहरा नाता
अभिजीत भले ही इस समय सात समंदर पार अमेरिका में बैठकर पढ़ाई कर रहे हों, लेकिन भारत की जमीनी सियासत और डिजिटल नैरेटिव पर उनकी पकड़ कमजोर नहीं हुई है। इसका मुख्य कारण दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) से उनका पुराना और बेहद करीबी नाता है। अभिजीत के एक्स (ट्विटर) हैंडल के रिकॉर्ड बताते हैं कि उन्होंने साल 2020 से लेकर 2023 के बीच 'आप' की सोशल मीडिया और डिजिटल विंग के लिए एक सक्रिय वॉलंटियर के तौर पर फ्रंटफुट पर काम किया था।
साल 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान, जब आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत से दोबारा सरकार बनाई थी, तब युवाओं को पार्टी के पाले में लाने वाले मुख्य डिजिटल कैंपेन को डिजाइन करने में अभिजीत की बड़ी भूमिका थी। इसके बाद वे दिल्ली के शिक्षा विभाग में कम्युनिकेशन एडवाइजर के पद पर भी तैनात रहे। बोस्टन रवाना होने से ठीक पहले उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ एक भावुक तस्वीर साझा करते हुए लिखा था, "मनीष सिसोदिया सर का मार्गदर्शन हमेशा मेरे लिए दिशा-सूचक की तरह रहेगा। कोई भी भौगोलिक दूरी 'आप' के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को कम नहीं कर सकती।" दिलचस्प बात यह है कि इस समय जेल से बाहर आए मनीष सिसोदिया ने भी हाल ही में एक इंस्टाग्राम रील बनाकर इस 'कॉकरोच जनता पार्टी' को अपना खुला समर्थन दे दिया है।
आखिर क्यों बनानी पड़ी 'कॉकरोच जनता पार्टी'? चीफ जस्टिस के बयान से जुड़ा है पूरा विवाद
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बोस्टन में पढ़ रहे एक होनहार छात्र को 'कॉकरोच जनता पार्टी' जैसा अजीबोगरीब नाम रखकर यह अभियान क्यों शुरू करना पड़ा? दरअसल, इसके पीछे देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी है। एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कुछ आरटीआई कार्यकर्ताओं, सोशल मीडिया एक्टिविस्टों और बेरोजगार युवाओं की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उन्हें कथित रूप से 'कॉकरोच और परजीवी' (पैरासाइट) कह दिया था।
अभिजीत को सिस्टम का यह रवैया नागवार गुजरा। उन्होंने इस वीआईपी मानसिकता पर करारा तंज कसने के लिए इसी महीने 16 मई 2026 को 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक डिजिटल मोर्चा खोल दिया। इस पार्टी का घोषणापत्र बेहद मजाकिया और सटायर से भरा है, जिसमें कहा गया है कि देश के सभी बेरोजगार, आलसी, रील देखने वाले और हर वक्त ऑनलाइन रहने वाले 'कॉकरोच' इस पार्टी को जॉइन कर सकते हैं। इसी व्यंग्यात्मक शैली को देश के करोड़ों युवाओं ने पसंद किया और यह देखते ही देखते एक जन-आंदोलन में तब्दील हो गया।