दिल्ली में जाम से आजादी! सरकार बनाने जा रही है 4 नए फ्लाईओवर, देखें रूट्स
Apr 18, 2026 12:17 PM
दिल्ली। राजधानी दिल्ली में दफ्तर आने-जाने के दौरान ट्रैफिक जाम में घंटों बर्बाद करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली सरकार ने पीडब्ल्यूडी के माध्यम से चार बड़े फ्लाईओवर और अंडरपास परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। यह पूरा प्रोजेक्ट करीब 34 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को कवर करेगा, जिससे न केवल उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली, बल्कि पूर्वी दिल्ली की जनता को भी बड़ी राहत मिलेगी। पीडब्ल्यूडी ने इन परियोजनाओं की फिजिबिलिटी स्टडी (व्यावहारिकता अध्ययन) और विस्तृत डिजाइन तैयार करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का मानना है कि इन आधुनिक ढांचों के बनने के बाद पीक ऑवर्स के दौरान ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सकेगा।
7.30 करोड़ की स्टडी और 5 महीने का टारगेट
इन परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने से पहले सरकार वैज्ञानिक तरीके से ट्रैफिक दबाव का आकलन कराना चाहती है। पीडब्ल्यूडी मंत्री के निर्देश पर इस अध्ययन के लिए 7.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 4 से 5 महीनों में रिपोर्ट तैयार हो जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य का रास्ता साफ होगा। इन सभी ढांचों का निर्माण 'इंडियन रोड कांग्रेस' (IRC) के कड़े मानकों के आधार पर किया जाएगा, ताकि भविष्य के ट्रैफिक दबाव को भी झेला जा सके।
इन चार इलाकों की बदलेगी सूरत: कहाँ क्या बनेगा?
अरुणा आसफ अली रोड और जेएनयू (साउथ दिल्ली): सबसे ज्यादा जाम इसी हिस्से में लगता है। यहाँ फ्लाईओवर के साथ-साथ अंडरपास और स्मार्ट यू-टर्न सुविधाओं का निर्माण होगा, ताकि जेएनयू कैंपस के आसपास ट्रैफिक को सिग्नल-फ्री किया जा सके।
कांति नगर ब्रिज से टेल्को टी-पॉइंट (ईस्ट दिल्ली): 6 किलोमीटर लंबा यह हिस्सा पूर्वी दिल्ली का लाइफलाइन है। भारी वाहनों के दबाव के कारण यहाँ सुबह-शाम गाड़ियां रेंगती हैं। यहाँ फ्लाईओवर बनने से शाहदरा और आनंद विहार की ओर जाने वालों का समय बचेगा।
बवाना रोड (नॉर्थ दिल्ली): औद्योगिक और रिहाइशी इलाका होने की वजह से यहाँ 9 किलोमीटर के स्ट्रेच पर ट्रैफिक का भारी बोझ रहता है। यहाँ एलिवेटेड कॉरिडोर या अंडरपास की संभावनाओं पर स्टडी की जा रही है।
कंझावाला चौक से मंगोलपुरी (आउटर रिंग रोड): इस 10 किलोमीटर लंबे रूट के लिए अकेले 3.44 करोड़ रुपये खर्च कर डीपीआर (DPR) तैयार की जा रही है। इसके बनने से आउटर रिंग रोड का यह हिस्सा पूरी तरह जाम-मुक्त हो जाएगा।
मंत्री की समीक्षा: समय पर काम पूरा करने के निर्देश
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने इन प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि डिजाइन और मैपिंग का काम समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली के इन 'ब्लैक स्पॉट्स' को पूरी तरह से ट्रैफिक-फ्री बनाया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि इन चार कॉरिडोर के विकसित होने से ईंधन की बचत तो होगी ही, साथ ही दिल्ली के वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी क्योंकि जाम में गाड़ियां कम खड़ी होंगी।