नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्लेटफार्म पर नजर रखने के लिए बहु-एजेंसी केंद्र के तहत ‘डार्कनेट’ और ‘क्रिप्टोकरेंसी’ पर एक कार्य बल का गठन किया गया है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित उत्तर में कहा
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने सीमा पार से होने वाली और अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), राज्य नारकोटिक्स रोधी कार्य बल (एएनटीएफ) और सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। ‘डार्क नेट’ इंटरनेट के उस छिपे हुए हिस्से को कहा जाता है जिसका इस्तेमाल केवल विशेष सॉफ्टवेयर और टूल के माध्यम से ही किया जा सकता है।
राय ने कहा कि बहु-एजेंसी केंद्र (एमएसी) के तहत कार्य बल का गठन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी में सहायक प्लेटफार्म की निगरानी करना, मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित जानकारियों का एजेंसियों/एमएसी सदस्यों के बीच आदान-प्रदान करना, मादक पदार्थों के नेटवर्क पर नकेल कसना, निरंतर जानकारी जुटाना, नियमित रूप से डेटाबेस को अद्यतन करना और संबंधित नियमों तथा कानूनों की समीक्षा करना है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, महत्वपूर्ण मादक पदार्थों की जब्ती संबंधी जांच की निगरानी के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर एक संयुक्त समन्वय समिति भी गठित की गई है।