क्यों फफक फफक कर रोने लगे केजरीवाल? जानें शराब नीति मामले में बरी होने के बाद मीडिया से क्या बोले आप सुप्रीमो
Feb 27, 2026 3:05 PM
नई दिल्ली: दिल्ली में शराब नीति मामले में शुक्रवार को अदालत से बरी किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए। फैसले के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास की “सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश” थी।
फैसले के बाद भावुक बयान
पत्रकारों से बात करते हुए केजरीवाल रो पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी नीति से जुड़ा मामला उनकी पार्टी को खत्म करने के उद्देश्य से रचा गया था। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह फर्जी केस था और इसे गढ़ने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका रही। उनके इन आरोपों से दिल्ली की राजनीति फिर गरमा गई है।
सुनीता केजरीवाल ने अदालत का आभार जताया
केजरीवाल की पत्नी सुनीता ने अदालत और न्यायाधीश को साहस दिखाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपना जीवन ईमानदारी और देश की प्रगति के लिए समर्पित किया, लेकिन सत्ता के लालच में उन पर झूठे आरोप लगाए गए। सुनीता केजरीवाल ने कहा कि उनके सहयोगियों को जेल भेजा गया, फिर भी उन्हें ईश्वर पर भरोसा था। उन्होंने कहा कि सच की जीत हुई है।
गिरफ्तारी से इस्तीफे तक का घटनाक्रम
केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उसी वर्ष 13 सितंबर को उन्हें उच्चतम न्यायालय से जमानत मिली। वह पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने थे। जेल जाने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि निर्दोष साबित होने के बाद ही पद पर लौटेंगे। वहीं मनीष सिसोदिया को जमानत मिलने से पहले करीब 17 महीने जेल में रहना पड़ा।
राजनीतिक असर और आगे की राह
करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों ने दिल्ली की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित किया। अब अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। इस फैसले का असर सिर्फ पार्टी नेतृत्व तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली की सियासत, आने वाले चुनावी समीकरण और केंद्र-राज्य संबंधों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।