सोमनाथ: गुजरात के विश्वविख्यात सोमनाथ मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व ऐतिहासिक होने जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 15 फरवरी को मनाए जाने वाले इस महापर्व पर लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।



स्वाभिमान पर्व के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या

अधिकारियों ने बताया कि जनवरी माह में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के बाद से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। यह पर्व जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले ऐतिहासिक आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 8 से 11 जनवरी तक मनाया गया था। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने भी देशभर के श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।



सामान्य दिनों से तीन गुना तक बढ़ी भीड़

गिर सोमनाथ के जिलाधिकारी एन. वी. उपाध्याय ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पहले सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन करीब 20,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 75,000 प्रतिदिन हो गई है। महाशिवरात्रि के मुख्य दिन यह आंकड़ा कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।



सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम

जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन मिलकर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध कर रहे हैं। पुलिस बल, स्वयंसेवकों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के भगवान सोमनाथ के दर्शन कर सकें।

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