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हरियाणा के युवाओं के लिए खुशखबरी! आईटीआई में शुरू होंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक कोर्स

Apr 07, 2026 11:54 AM

फरीदाबाद।  फरीदाबाद की औद्योगिक पहचान अब सिर्फ भारी मशीनों और लोहे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यहाँ के सरकारी संस्थानों से अब डिजिटल एक्सपर्ट्स भी निकलेंगे। एनआईटी-5 स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) ने समय की मांग को समझते हुए अपने पाठ्यक्रम में क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी कर ली है। संस्थान ने हरियाणा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग जैसे अत्याधुनिक कोर्स शुरू करने की मांग की गई है। इस पहल का सीधा मकसद फरीदाबाद के युवाओं को उन नौकरियों के काबिल बनाना है, जिनकी मांग आज बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां कर रही हैं।

सोलर और कम्प्यूटर तकनीक के नए ट्रेड भी शामिल

सिर्फ कंप्यूटर ही नहीं, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ते अवसरों को देखते हुए 'सोलर टेक्निशियन' कोर्स पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आईटीआई प्रबंधन के अनुसार, फरीदाबाद के इस केंद्र में फिलहाल 21 अलग-अलग ट्रेड चल रहे हैं, जहाँ जिले में सबसे अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ले रहे हैं। संस्थान का दावा है कि अगले महीने तक इन नए कोर्सों को आधिकारिक मंजूरी मिल जाएगी। मंजूरी मिलते ही लैब और जरूरी उपकरणों की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी, ताकि छात्र सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें और मशीनों पर प्रैक्टिकल अनुभव भी हासिल कर सकें।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

आज के दौर में परंपरागत फिटर या वेल्डिंग जैसे कोर्सों के साथ-साथ स्मार्ट टेक्नोलॉजी की समझ होना अनिवार्य हो गया है। कोडिंग और डेटा साइंस जैसे विषय अब केवल इंजीनियरिंग कॉलेजों तक सीमित नहीं रहेंगे। आईटीआई में इन कोर्सों के शुरू होने से मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे भी कम खर्च में 'फ्यूचर रेडी' स्किल हासिल कर सकेंगे। विशेषज्ञ बताते हैं कि आजकल छोटी से लेकर बड़ी कंपनियां उन्हीं उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं जो एआई टूल्स का इस्तेमाल जानते हैं। कोडिंग और डेटा विश्लेषण में निपुणता होने से छात्रों के लिए प्लेसमेंट के दौरान भारी-भरकम पैकेज पाना आसान हो जाएगा।

अगले सत्र से मिल सकता है एडमिशन का मौका

संस्थान की योजना है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से ही इन कोर्सों में दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। औद्योगिक नगरी होने के कारण फरीदाबाद की फैक्ट्रियों में ऑटोमेशन और सोलर पैनल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे में यहाँ तैयार होने वाले 'स्किल्ड' युवाओं को नौकरी के लिए शहर से बाहर भी नहीं भटकना पड़ेगा। आईटीआई प्रशासन ने साफ किया है कि वह स्थानीय उद्योगों के साथ तालमेल बिठाकर इन कोर्सों का मॉड्यूल तैयार कर रहे हैं ताकि छात्रों को 'ऑन-जॉब ट्रेनिंग' की सुविधा भी मिल सके।

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