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कुरुक्षेत्र में विशेष लोक अदालत की बड़ी कामयाबी, चेक बाउंस के 46 मामलों का मौके पर निपटारा

May 30, 2026 4:27 PM

कुरुक्षेत्र। अदालतों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने और आम जनता को बिना किसी कड़वाहट के त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में शनिवार को कुरुक्षेत्र में एक अहम कामयाबी मिली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के चेयरमैन दिनेश कुमार मित्तल की देखरेख में जिला कोर्ट परिसर सहित शाहाबाद और पिहोवा उपमंडल में एनआई एक्ट (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट यानी चेक बाउंस) के मामलों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस विशेष कानूनी मंच पर सालों से खिंच रहे विवादों को दोनों पक्षों की आपसी सहमति के जरिए महज कुछ ही घंटों में हमेशा-हमेशा के लिए शांत कर दिया गया।

150 मामलों की हुई गहन स्क्रूटनी, 19.78 लाख रुपये पर बनी बात

जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल ने इस कानूनी कसरत का ब्योरा देते हुए बताया कि इस विशेष लोक अदालत में कुरुक्षेत्र और उसके उपमंडलों की विभिन्न अदालतों के न्यायिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। न्यायाधीश अनिल कुमार, गिर्राज सिंह, पल्लवी ओझा, अनीता रानी, कपिल, भरत और राधिका की अदालतों ने तकरीबन 150 लंबित मामलों पर गहन विचार-विमर्श किया और दोनों पक्षों के तर्कों को सुना।

जजों की सूझबूझ और कानूनी मध्यस्थता के चलते46 बेहद पेचीदा मामलों में वादी और प्रतिवादी आपसी समझौते के लिए तैयार हो गए। इन सभी 46  मामलों का कुल 19,78,111.रुपये की राशि के लेनदेन पर अंतिम रूप से निपटारा कर दिया गया। लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहां से उठने के बाद दोनों पक्षों के बीच की कानूनी रंजिश खत्म हो गई।

चूक गए हैं मौका? तो 18  जुलाई की तारीख नोट कर लें

न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल ने उन नागरिकों के लिए एक जरूरी घोषणा भी की, जो किसी कारणवश शनिवार को आयोजित हुई इस लोक अदालत का हिस्सा नहीं बन पाए। उन्होंने बताया कि चेक बाउंस से जुड़े विवादों को सुलझाने का सिलसिला यहीं नहीं थमेगा। इसी कड़ी में आगामी 18 जुलाई को एक बार फिर कुरुक्षेत्र में एनआई एक्ट के मुकदमों के लिए विशेष लोक अदालत का मंच तैयार किया जाएगा।

उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि उनका चेक से संबंधित कोई भी मुकदमा किसी अदालत में पेंडिंग है और वे उसे कोर्ट-कचहरी के चक्करों से बाहर निकालकर आपसी समझौते से निपटाना चाहते हैं, तो वे आगामी 17 मई तक किसी भी वर्किंग डे (कार्य दिवस) में संबंधित न्यायालय में जाकर अपने केस पर प्री-काउंसलिंग करवा सकते हैं। इसके बाद 18  मई को आपसी सहमति के आधार पर ऐसे मामलों का फाइनल सेटलमेंट कर दिया जाएगा। किसी भी तरह की विधिक सहायता या संशय को दूर करने के लिए नागरिक सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दफ्तर में जाकर संपर्क साध सकते हैं।

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