PPP Family ID: पीपीपी की गलतियों से परेशान जनता को राहत, SMS पर एडीसी खुद बुलाएंगे मीटिंग
May 30, 2026 5:41 PM
हरियाणा। हरियाणा में परिवार पहचान पत्र (PPP) आम जनता के लिए सरकारी योजनाओं का प्रवेश द्वार है, लेकिन इसमें दर्ज गलतियों और खासकर आय के गलत आकलन ने पिछले लंबे समय से लोगों की नाक में दम कर रखा था। इन त्रुटियों को ठीक कराने के लिए गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को एडीसी दफ्तरों के अनगिनत चक्कर लगाने पड़ते थे। जनता की इसी नब्ज को पहचानते हुए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक सुधार किया है। अब नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय सीधे उनके मोबाइल फोन पर प्रशासन की तरफ से बुलावा आएगा। सरकार ने इसके लिए पीपीपी पोर्टल पर 'एडीसी टू सिटीजन मीटिंग शेड्यूलिंग' का एक नया मॉड्यूल लाइव कर दिया है।
पहले सूचना न मिलने से लटके रहते थे मामले, अब डिजिटल रिकॉर्ड रखेगा हर अपडेट
इस नई व्यवस्था की बारीकियों को साझा करते हुए पीपीपी के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि अब तक फैमिली आईडी से जुड़ी शिकायतों और अपीलों के निपटारे में एक बड़ा 'कम्युनिकेशन गैप' आड़े आ रहा था। कई बार स्थानीय स्तर पर अधिकारी शिकायतों की जांच के लिए बैठक तो तय कर लेते थे, लेकिन इसकी भनक आम जनता तक समय पर नहीं पहुंच पाती थी। नतीजा यह होता था कि पीड़ित नागरिक तय वक्त पर नहीं पहुंच पाता और फाइलें महीनों धूल फांकती रहती थीं।
अब इस लूपहोल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। नई प्रणाली के तहत जैसे ही कोई एडीसी या संबंधित अधिकारी किसी शिकायत की समीक्षा के बाद सुनवाई की तारीख तय करेगा, सिस्टम स्वचालित (Automated) तरीके से पीड़ित के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक टेक्स्ट मैसेज भेज देगा। इस इकलौते एसएमएस में न केवल मुलाकात की तारीख और सटीक समय लिखा होगा, बल्कि यह भी साफ-साफ दर्ज होगा कि नागरिक को अपने दावे के समर्थन में कौन-कौन से जरूरी कागजात लेकर अधिकारी के सामने पेश होना है।
जवाबदेही तय होगी और बिचौलियों का खेल होगा खत्म
डॉ. सतीश खोला ने इस बात पर जोर दिया कि इस पूरी कसरत का एक बड़ा फायदा यह होगा कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा और पारदर्शी रिश्ता कायम होगा। चूंकि पूरी प्रक्रिया डिजिटल ट्रैक पर चलेगी, इसलिए किस अधिकारी ने किस मामले को कितने दिन पेंडिंग रखा और कब मीटिंग बुलाई, इसका पूरा कच्चा चिट्ठा उच्च अधिकारियों की नजर में रहेगा। इससे सरकारी मशीनरी की जवाबदेही बढ़ेगी और दफ्तरों के बाहर सक्रिय रहने वाले बिचौलियों का पत्ता भी साफ हो जाएगा।
बंद मोबाइल नंबर बन सकता है रोड़ा, तुरंत करवाएं अपडेट
इस बेहतरीन सुविधा का लाभ उठाने के लिए सरकार ने राज्य के नागरिकों के सामने एक छोटी सी शर्त भी रखी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने जनता से पुरजोर अपील की है कि वे तुरंत अपने नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर या स्वयं पीपीपी पोर्टल पर लॉगिन करके यह जांच लें कि उनकी फैमिली आईडी में जो मोबाइल नंबर दर्ज है, वह चालू हालत में है या नहीं। यदि पुराना नंबर बंद हो चुका है या गलत फीड है, तो एडीसी दफ्तर से आने वाला महत्वपूर्ण एसएमएस आप तक नहीं पहुंचेगा, जिससे आपका काम लटक सकता है। इसलिए समय रहते अपना एक्टिव मोबाइल नंबर अपडेट कराना अनिवार्य है।