Faridabad News: फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर में जूता गोदाम में लगी भीषण आग, आसमान में छाया काला धुआं
Jun 18, 2026 11:36 AM
फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर से सटे फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर इंडस्ट्रियल एरिया में गुरुवार की सुबह फैक्ट्रियों के खुलने से पहले ही चीख-पुकार मच गई। यहां स्थित एक नामचीन कंपनी के गोदाम में सुबह करीब 7 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे परिसर को अपनी आगोश में ले लिया और आसमान में एक किलोमीटर दूर तक सिर्फ काला धुआं ही धुआं नजर आने लगा। गनीमत यह रही कि हादसा शिफ्ट शुरू होने से पहले हुआ, जिससे एक बड़ा मानवीय संकट टल गया।
बिजली के पैनल से भड़की चिंगारी, जूतों के स्टॉक ने पकड़ी रफ्तार
चश्मदीदों और फैक्ट्री प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक, गोदाम के पिछले हिस्से में लगे बिजली के मेन कंट्रोल पैनल में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ था। वहां से निकली चिंगारियों ने पास में ही रखे कबाड़ और पैकिंग मैटेरियल को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि गोदाम के भीतर गत्ते के डिब्बों में पैक जूतों का भारी स्टॉक रखा हुआ था, इसलिए आग को फैलने में चंद मिनटों का ही वक्त लगा। फैक्टरी के सुरक्षाकर्मियों ने जैसे ही अंदर से जलने की आवाजें सुनीं, तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को इसकी इत्तला दी गई।
चार घंटे तक चला दमकल का ऑपरेशन, एसडीएम ने लिया जायजा
सूचना मिलते ही सेक्टर-31 फायर स्टेशन से चार गाड़ियां और स्थानीय पुलिस की टीम महज 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। हालांकि, लपटों की तीव्रता को देखते हुए फौरन अन्य स्टेशनों से भी अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। दमकलकर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछारें कर आग को घेरना शुरू किया ताकि यह आसपास की दूसरी फैक्ट्रियों तक न पहुंचे। करीब चार घंटे की भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस बीच फरीदाबाद के एसडीएम भी प्रशासनिक अमले के साथ हालात की समीक्षा करने घटनास्थल पर पहुंचे।
बाल-बाल बचे 300 कर्मचारी, पुलिस ने शुरू की जांच
इस पूरे अग्निकांड में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है। कंपनी में काम करने वाले करीब 300 से अधिक महिला और पुरुष कर्मचारियों की शिफ्ट सुबह 8 बजे से शुरू होती है, जबकि हादसा उससे पहले ही हो चुका था। एहतियात के तौर पर सुबह ड्यूटी पर पहुंचे कर्मचारियों को मुख्य गेट के बाहर ही रोक दिया गया था। सेक्टर-31 थाना प्रभारी दिलबाग सिंह ने बताया कि गोदाम में रखा माल पूरी तरह जल चुका है और वित्तीय नुकसान का सही आकलन किया जा रहा है। पुलिस ने फैक्टरी में अग्निशमन मानकों की उपलब्धता को लेकर जांच शुरू कर दी है।