Panchkula News: पंचकूला में क्लब संचालकों से मांगी 5 करोड़ की रंगदारी, वॉयस नोट से दी धमकी
Jun 18, 2026 1:02 PM
पंचकूला। हरियाणा की सबसे शांत मानी जाने वाली वादियों और चंडीगढ़ से सटे पंचकूला में इन दिनों अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। यहां के नाइट क्लब संचालकों को एक बार फिर अंडरवर्ल्ड और स्थानीय गैंगस्टरों के गठजोड़ ने दहला दिया है। ताजा मामले में अज्ञात बदमाशों ने क्लब मालिकों को एक खौफनाक वॉयस नोट भेजा है। इस वॉयस नोट के जरिए सीधे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी (प्रोटेक्शन मनी) मांगी गई है। इस धमकी भरे मैसेज के बाद से ही शहर के कारोबारी वर्ग और नाइटलाइफ इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल है।
'रकम नहीं मिली तो अगली गोली तुम्हारे नाम की होगी', बदमाशों की खुली चुनौती
बदमाशों द्वारा भेजे गए ऑडियो मैसेज की भाषा बेहद आक्रामक और डराने वाली है। वॉयस नोट में साफ कहा गया है कि अगर तय समय के भीतर 5 करोड़ रुपये का इंतजाम नहीं किया गया, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। धमकी देने वाले ने कहा, "यदि रकम नहीं दी गई तो अगली गोली सीधे तुम्हारे नाम की होगी।" इस धमकी ने पुलिस प्रशासन के दावों की भी पोल खोल दी है। पीड़ित संचालकों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को दी, जिसके बाद पूरी कमिश्नरेट पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई।
क्लबों के बाहर छावनी जैसा नजारा, सादे कपड़ों में मुस्तैद पुलिस
धमकी की खबर मिलते ही पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए सुरक्षा चक्र मजबूत कर दिया है। जिन-जिन क्लब संचालकों को यह धमकी मिली है, उनके प्रतिष्ठानों के बाहर और आसपास पीसीआर और विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा, सादे कपड़ों में भी खुफिया पुलिस के जवानों को मुस्तैद किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। पुलिस कमिश्नर कार्यालय के निर्देश पर रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है और क्लबों के आसपास आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग शुरू हो चुकी है।
लगातार निशाने पर हैं पंचकूला के क्लब, अब एसटीएफ की बारी
यह कोई पहली बार नहीं है जब पंचकूला के वीआईपी सेक्टर्स में चलने वाले इन क्लबों को निशाना बनाया गया हो। पिछले कुछ महीनों के इतिहास को देखें तो रंगदारी न देने पर क्लबों के बाहर हवाई फायरिंग और तोड़फोड़ की कई वारदातें पहले भी सुर्खियां बन चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। धमकी देने वाले बदमाशों के इंटरनेशनल लिंक और स्थानीय गुर्गों की पहचान के लिए साइबर सेल और एसटीएफ (STF) की मदद ली जा रही है। पुलिस का दावा है कि वॉयस नोट के तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।