सूरजकुंड झूला हादसा: SIT ने चौथे आरोपी शुभम गुप्ता को दबोचा, सुरक्षा मानकों की उड़ी थी धज्जियां
May 06, 2026 2:26 PM
फरीदाबाद। फरीदाबाद के विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड मेले में बीते 7 फरवरी को हुए उस खौफनाक मंजर को लोग अब तक नहीं भूले हैं, जब एक हंसता-खेलता परिवार 'सुनामी झूले' के टूटने से मौत के साये में आ गया था। इस हादसे की परतें खोल रही एसआईटी (SIT) ने अब मुख्य कड़ी को शिकंजे में ले लिया है। पुलिस ने झूले के असल मालिक, मेरठ निवासी शुभम गुप्ता को सोमवार को दबोच लिया। शुभम इस हाई-प्रोफाइल केस में चौथा आरोपी है। इससे पहले पुलिस झूला एजेंसी के संचालक मोहम्मद शाकिर, मैनेजर नितेश और ऑपरेटर अदनान को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
40 लाख का झूला, लेकिन सुरक्षा के नाम पर 'शून्य'
जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले और डराने वाले भी हैं। आरोपी शुभम गुप्ता ने यह झूला खतौली के रहीस खान से करीब 40 लाख रुपये में तैयार करवाया था। विडंबना देखिए कि लाखों रुपये की मशीनरी को सार्वजनिक उपयोग के लिए उतार तो दिया गया, लेकिन इसके पास न तो कोई 'कन्स्ट्रक्शन सर्टिफिकेट' था और न ही कोई 'फिटनेस प्रमाण पत्र'। एसआईटी की जांच में साफ हुआ है कि सुरक्षा जांच (Safety Audit) और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जैसी अनिवार्य कागजी औपचारिकताओं को ताक पर रखकर इसे मेले में लगाया गया था।
मुनाफे का 'खूनी' गणित: 60-40 का था खेल
एसआईटी की तफ्तीश में पैसों के लेन-देन का भी बड़ा खुलासा हुआ है। पर्यटन विभाग से मेले का टेंडर हासिल करने वाले मोहम्मद शाकिर ने शुभम के मैनेजर नितेश के जरिए इस झूले को मेले के ग्राउंड में एंट्री दिलाई थी। इनके बीच एक लिखित समझौता हुआ था कि टिकटों की बिक्री से होने वाली मोटी कमाई को 60 और 40 फीसदी के अनुपात में बांटा जाएगा। चंद रुपयों के लालच में न केवल नियमों को कुचला गया, बल्कि उन मासूम जिंदगियों की भी परवाह नहीं की गई जो इस झूले पर सवार थे।
पुलिस निरीक्षक की मौत और अधूरी जांच
बता दें कि इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिस निरीक्षक जगदीश प्रसाद की जान चली गई थी, जबकि 12 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। सूरजकुंड थाना पुलिस ने इस मामले में पहले ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। शुभम गुप्ता को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अंडरग्राउंड चल रहा था। अब शुभम से होने वाली पूछताछ के आधार पर पुलिस 'सप्लीमेंट्री चार्जशीट' (पूरक आरोप पत्र) दाखिल करेगी, जिससे इस भ्रष्टाचार और लापरवाही के गठजोड़ के कई और चेहरों का बेनकाब होना तय है।