सोनीपत में 'रिश्वतखोर' लाइनमैन पर एसीबी का शिकंजा: ₹1000 के लिए गंवानी पड़ी नौकरी
May 06, 2026 2:04 PM
सोनीपत। सोनीपत जिले में सरकारी मुलाजिमों द्वारा अवैध वसूली के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला बिजली विभाग से जुड़ा है, जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक लाइनमैन (ALM) जयबीर सिंह को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी औद्योगिक क्षेत्र में तैनात था और एक छोटे दुकानदार को उसका वाजिब काम करने के बदले मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर रहा था। एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई से विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
मीटर लगाने के नाम पर मांगी 'मलाई', ₹2000 पहले ही ले चुका था आरोपी
घटनाक्रम के अनुसार, दहिया कॉलोनी में चारा काटने की मशीन चलाने वाले एक व्यक्ति ने एसीबी को अपनी आपबीती सुनाई थी। पीड़ित का बिजली मीटर 10 अप्रैल को बकाया बिल के चलते उतार दिया गया था। जब दुकानदार ने नया मीटर लगवाने के लिए एएलएम जयबीर सिंह से संपर्क किया, तो आरोपी ने मदद करने के बजाय ₹5,000 की मांग रख दी। काफी मिन्नतें करने के बाद सौदा ₹3,000 में तय हुआ। पीड़ित इतना मजबूर था कि उसने ₹2,000 की पहली किस्त आरोपी को पहले ही दे दी थी, लेकिन जयबीर बाकी के ₹1,000 के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
कालूपुर चुंगी पर बिछाया गया जाल और धरा गया आरोपी
रिश्वतखोरी से तंग आकर दुकानदार ने हिम्मत दिखाई और एसीबी को इसकी शिकायत दी। ब्यूरो की टीम ने प्राथमिक जांच के बाद इसे सही पाया और आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित 'ट्रैप' तैयार किया। योजना के तहत, मंगलवार को पीड़ित को ₹1,000 लेकर कालूपुर चुंगी बुलाया गया। जैसे ही जयबीर सिंह ने रिश्वत के पैसे अपने हाथ में थामे, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। हाथ धुलवाए जाने पर जब गुलाबी रंग निकला, तो आरोपी के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, जांच शुरू
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी जयबीर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। ब्यूरो अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस खेल में विभाग के कुछ अन्य लोग भी शामिल थे या यह एएलएम निजी स्तर पर ही वसूली कर रहा था। फिलहाल, आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उसे अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि यदि जनता जागरूक हो, तो भ्रष्टाचार के इस जाल को तोड़ा जा सकता है।