Rajasthan News: जयपुर में 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पटवारी गिरफ्तार, पैतृक जमीन बंटवारे की रिपोर्ट के लिए मांगे रुपये
May 06, 2026 3:20 PM
जयपुर: जयपुर जिले के कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र की पावटा तहसील के भैसलाना में पटवारी प्रमोद सामरिया को राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की भिवाड़ी इकाई ने बुधवार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामला पैतृक जमीन के बंटवारे से जुड़ा है, जिसमें एसडीएम कोर्ट के आदेश के बावजूद आरोपी पटवारी रिपोर्ट पेश नहीं कर रहा था और इसके बदले घूस मांग रहा था। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कर ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को पहली किश्त लेते ही पकड़ लिया।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसके पिता की पैतृक जमीन का बंटवारा मामला पिछले पांच से छह वर्षों से एसडीएम अदालत में लंबित था। अदालत ने 20 जून 2025 को फैसला सुनाते हुए पटवारी को रिपोर्ट तैयार कर पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आरोपी ने रिपोर्ट जमा नहीं की और शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग शुरू कर दी।
एक लाख से 80 हजार में तय हुआ सौदा
जांच में सामने आया कि आरोपी पटवारी ने शुरुआत में एक लाख रुपये की मांग की थी। बाद में बातचीत के दौरान सौदा 80 हजार रुपये में तय हुआ। रिश्वत की यह राशि तीन किस्तों में देने की सहमति बनी, जिसमें पहली किश्त 40 हजार रुपये तय की गई थी। एसीबी टीम ने 29 अप्रैल 2026 को शिकायत का सत्यापन कर पूरे मामले की पुष्टि की।
सत्यापन के बाद एसीबी ने उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव के सुपरविजन में ट्रैप योजना बनाई। भिवाड़ी चौकी प्रभारी परमेश्वर लाल के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पहली किश्त के 40 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच हो रही है।
अधिकारियों की निगरानी में जांच जारी
इस पूरे मामले की जांच एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस मामले में अन्य लोग भी शामिल तो नहीं हैं।
भैसलाना और आसपास के क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के कामकाज पर भी नजर रखी जा रही है। एसीबी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो तुरंत इसकी शिकायत करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।