Faridkot News: ड्रग्स और अपराध के खिलाफ फरीदकोट की बड़ी उपलब्धि: अपराध दर में 37 प्रतिशत की भारी गिरावट, 97 प्रतिशत लूट के मामले सुलझाए
Mar 28, 2026 9:41 PM
फरीदकोट: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा नशे के खात्मे के लिए शुरू की गई 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' मुहिम अब फरीदकोट जिले में धरातल पर रंग लाने लगी है। जिला पुलिस की मुस्तैदी और आधुनिक तकनीक के सटीक तालमेल ने फरीदकोट को राज्य में अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अग्रणी जिलों की कतार में खड़ा कर दिया है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल अपराध दर में 37 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जो सुरक्षा व्यवस्था में आए बड़े सुधार की ओर इशारा करती है। इसके अलावा, पुलिस ने लूटपाट के 97 प्रतिशत मामलों को सफलतापूर्वक सुलझाकर अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
इस परिवर्तन के पीछे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत अपनाई गई तकनीक और जनभागीदारी की बड़ी भूमिका रही है। जिले के संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
विशेष रूप से गांव ढिलवां कलां में लिंक रोड और हाईवे को कवर करने वाला एक विस्तृत सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया गया है, जिसकी लाइव मॉनिटरिंग पुलिस और ग्राम प्रशासन दोनों द्वारा की जा रही है। तकनीक के इस इस्तेमाल ने न केवल अपराधों को रोकने में मदद की है, बल्कि तस्करों के बीच पुलिस का खौफ भी पैदा किया है।
एसएसपी फरीदकोट प्रज्ञा जैन (आईपीएस) का मानना है कि इस कामयाबी का श्रेय गांव की सुरक्षा कमेटियों और सामाजिक संगठनों के साथ पुलिस के बेहतर समन्वय को जाता है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की जो नीति अपनाई है, उसी का परिणाम है कि अब आम नागरिक बिना किसी डर के ड्रग तस्करों की जानकारी साझा कर रहे हैं।
इससे पुलिस को समय रहते सटीक कार्रवाई करने में काफी मदद मिली है और जनता के बीच सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है। क्षेत्र के सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी पुलिस की इस कार्यप्रणाली की सराहना की है। मालवा ज़ोन के कोऑर्डिनेटर सुखजीत सिंह ढिलवां के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों की मदद से अब संदिग्ध गतिविधियों को पकड़ना आसान हो गया है, जिससे ड्रग तस्करी पर प्रभावी लगाम लगी है।
वहीं सहारा सेवा सोसाइटी के चेयरमैन प्रवीण काला ने कहा कि पुलिस प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति से अपराधियों में डर पैदा हुआ है, जिससे जिले में नशे के अवैध कारोबार को तगड़ा झटका लगा है।
प्रशासन केवल सख्ती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज को भीतर से मजबूत करने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है। युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए विभिन्न कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
साथ ही, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण जैसी गतिविधियों से लोगों को जोड़ा जा रहा है, ताकि एक स्वस्थ और अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।