- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 08:55
फरीदकोट/सादिक: भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) ने आज बिजली संशोधन बिल 2025 के विरोध में ब्लॉक सादिक के बिजली बोर्ड ऑफिस के सामने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अलग-अलग गांवों से आए किसानों ने सरकार के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया और अपने घरों के बाहर लगे 'चिप वाले मीटर' निकालकर बिजली बोर्ड के अधिकारियों को सौंप दिए। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारे लगाए।
कानून वापस होने तक संघर्ष जारी रहेगा
सभा को संबोधित करते हुए ब्लॉक सादिक के वाइस प्रेसिडेंट सरदार सरताज सिंह जंडवाला ने कहा कि किसान संगठन बिजली संशोधन बिल 2025 का कड़ा विरोध करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस काले कानून को तुरंत वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि अगर डिपार्टमेंट ने किसी भी किसान के खिलाफ एक्शन लेने की कोशिश की तो गांवों में बिजली अधिकारियों का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एडमिनिस्ट्रेशन की होगी।
अगले संघर्षों की रूपरेखा बताई
किसान नेताओं ने कहा कि संघर्ष को तेज करने के लिए जरूरी मीटिंग्स का दौर शुरू हो गया है। 20 जनवरी 2026 को शहीद शुभकरण सिंह के पैतृक गांव बल्लो में बातचीत के लिए मीटिंग होगी। 25 जनवरी 2026 को संगरूर के गुरुद्वारा नानकियाना साहिब में बड़ी मीटिंग होगी, जिसमें 19 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली 'महा-पंचायत' की तैयारी को लेकर स्ट्रैटेजी बनाई जाएगी।
12 मुख्य मुद्दों पर रहेगा फोकस
ब्लॉक प्रेसिडेंट नायब सिंह शेर सिंह वाला ने फोन पर बताया कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल के अलावा यूनियन ने कुल 12 मांगों को लेकर संघर्ष शुरू किया है, जिसमें गलत तरीके से लागू किए जा रहे खेती कानूनों और बीज अमेंडमेंट बिल शामिल हैं। नेताओं ने कहा कि सरकार की "लोमड़ी वाली चाल" को अब कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
इस मौके पर हरजीत सिंह साधु वाला, गुरप्रीत सिंह मुमरा, दिलबाग सिंह शेर सिंह वाला, गुरप्रीत सिंह कौनी, कामदूर सिंह आहिल, गुरप्रीत सिंह सादिक, जगतार सिंह, लखबीर सिंह बिहले वाला, सुखदेव सिंह मचाकी कलां और हरनेक सिंह मिद्दुमन समेत बड़ी संख्या में किसानों ने आज के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। महिलाओं की तरफ से परमजीत कौर सादिक ने भी हिस्सा लिया।