Gurugram Rent Crisis: ‘बजट बढ़ाओ सर!’, गुरुग्राम में ब्रोकरों के रवैये से परेशान हुआ मध्यम वर्ग, वायरल हुआ यूजर का दर्द
'बजट बढ़ाओ सर!', गुरुग्राम में ब्रोकरों के रवैये से परेशान हुआ मध्यम वर्ग, वायरल हुआ यूजर का दर्द
Gurugram Rent Crisis: साइबर सिटी गुरुग्राम में नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अदद आशियाना खोजना अब जेब पर डाका डालने जैसा साबित हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर @skykash0 नाम के एक यूजर की पोस्ट ने शहर में रियल एस्टेट की बेलगाम कीमतों की पोल खोलकर रख दी है। अपने तीन लोगों के छोटे से परिवार के लिए 3BHK फ्लैट की तलाश कर रहे इस यूजर ने अपना दर्द साझा करते हुए लिखा कि गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे इलाकों में 1,700 स्क्वायर फीट के फ्लैट का किराया अब ₹50,000 के पार मांग रहे हैं, जबकि शहर के सेंट्रल इलाकों में तो ₹60,000 का किराया अब सामान्य बात बन चुकी है।
यूजर ने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी ब्रोकर कोई वाजिब घर दिखाने के बजाय उल्टा ग्राहकों पर ही अपना बजट बढ़ाने का दबाव डालते हैं। उनका कहना था, “हर ब्रोकर का बस एक ही रटा-रटाया जवाब होता है— सर, आपको अपना बजट बढ़ाना होगा! ये लोग यह समझने को तैयार ही नहीं हैं कि किराए में ₹5,000 की मामूली बढ़ोतरी का मतलब जेब पर हर साल ₹60,000 का अतिरिक्त बोझ होता है।”
सिर्फ सिर छिपाने का सालाना बिल 7 लाख पार, सैलरी जस की तस
रेडिट यूजर ने गुरुग्राम में रहने का जो गणित समझाया, उसने हर आम नौकरीपेशा इंसान को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यूजर के मुताबिक, अगर ₹50,000 महीना सिर्फ मूल किराया मान लिया जाए, तो साल का आंकड़ा ₹6 लाख बैठता है। इसमें अगर सोसायटी का मेंटेनेंस चार्ज, बिजली बिल और पानी का खर्च जोड़ दिया जाए, तो सिर्फ एक ठीक-ठाक मकान में रहने का सालाना खर्च ₹7 लाख से ऊपर निकल जाता है।
पोस्ट में सवाल उठाया गया कि जब कंपनियों में सालाना इंक्रीमेंट और सैलरी उस रफ्तार से बढ़ ही नहीं रही, तो आखिर मध्यमवर्गीय परिवार इस बेकाबू किराए को कैसे बर्दाश्त करें? यूजर ने तीखा सवाल पूछते हुए लिखा, “क्या वाकई लोग इतनी भारी-भरकम रकम दे रहे हैं, या फिर मकान मालिकों और दलालों ने मिलकर यह तय कर लिया है कि ‘बजट बढ़ाएं’ ही हर समस्या का इकलौता हल है?” यह पोस्ट “गुरुग्राम में ₹50,000 का किराया कब से ‘किफायती’ बन गया?” टाइटल के साथ पोस्ट की गई थी।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा: ‘किराया नहीं, EMI लग रही है’
इस पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट पर बहस छिड़ गई और हजारों लोग यूजर के समर्थन में उतर आए। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “गुड़गांव में किराए का बाजार पूरी तरह बेकाबू हो चुका है, इस पर कोई लगाम लगाने वाला नहीं है।” वहीं दूसरे ने लिखा, “आज के दौर में ₹50,000 महीना किराया देना किसी मध्यमवर्गीय परिवार के लिए नामुमकिन जैसा है।”
एक अन्य यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि “आजकल गुरुग्राम में हर महीने मकान मालिक को किराया देना ऐसा लगता है मानो किसी बड़े मकान की भारी-भरकम EMI चुका रहे हों।” गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी कई बार गुरुग्राम की लाइफस्टाइल, ट्रैफिक और पानी-बिजली के साथ-साथ मकान के भारी-भरकम किरायों को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़कता रहा है।
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