गुरुग्राम-फरीदाबाद की राह होगी आसान: एक ही ट्रैक पर चलेंगी नमो भारत और मेट्रो, 18 स्टेशनों का खाका तैयार
Mar 14, 2026 12:48 PM
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम और औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के बीच रोजाना धक्के खाने वाले लाखों मुसाफिरों के लिए राहत भरी खबर आ रही है। गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा के बीच जिस 'नमो भारत' (RRTS) कॉरिडोर का इंतजार हो रहा था, अब उस पर मेट्रो भी रफ्तार भरती दिखेगी। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (HMRTC) ने इस प्रोजेक्ट को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को डीपीआर (DPR) में बदलाव के सुझाव भेजे हैं। इस नई योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक ही कॉरिडोर के जरिए लंबी दूरी के यात्री नमो भारत और स्थानीय यात्री मेट्रो का लाभ उठा सकेंगे।
इफ्को चौक बनेगा कनेक्टिविटी का नया 'हब'
प्रस्तावित योजना के केंद्र में गुरुग्राम का इफ्को चौक होगा। यहाँ एक विशाल इंटरचेंज स्टेशन बनाने की तैयारी है, जहाँ से ग्रेटर नोएडा और शाहजहांपुर की ओर जाने वाली नमो भारत ट्रेनों के साथ-साथ मेट्रो सेवा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा, इस कॉरिडोर को मिलेनियम सिटी सेंटर (येलो लाइन) से भी जोड़ा जाएगा। गुरुग्राम के हिस्से में इफ्को चौक से ग्वाल पहाड़ी तक करीब 14.50 किलोमीटर का स्ट्रेच होगा, जिसमें सेक्टर-52, वजीराबाद, सेक्टर-57 और सेक्टर-61 जैसे प्रमुख इलाकों में स्टेशन बनाए जाएंगे। सेक्टर-61 को एक बड़े जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ से पचगांव की ओर प्रस्तावित मेट्रो का भी मेल होगा।
फरीदाबाद के रिहायशी इलाकों को मिलेगी सीधी लाइफलाइन
जैसे ही यह कॉरिडोर गुरुग्राम की सीमा पार कर फरीदाबाद में प्रवेश करेगा, ग्वाल पहाड़ी के बाद सैनिक कॉलोनी से बादशाहपुर तक का करीब 16 किलोमीटर का हिस्सा मेट्रो सेवा के लिए बेहद अहम हो जाएगा। फरीदाबाद के हिस्से में प्रस्तावित 10 स्टेशनों में पहला स्टेशन सैनिक कॉलोनी में बनेगा। इस प्रोजेक्ट का मकसद न केवल दो शहरों की दूरी कम करना है, बल्कि गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को भी कम करना है। एचएमआरटीसी का मानना है कि इस संयुक्त कॉरिडोर से प्रोजेक्ट की लागत कम होगी और यात्रियों को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी।
प्रोजेक्ट का दायरा और भविष्य की तस्वीर
64 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर में हरियाणा का हिस्सा लगभग 52 किलोमीटर का है। जानकारों की मानें तो इस कॉरिडोर के तैयार होने के बाद गुरुग्राम से फरीदाबाद का सफर महज 25 से 30 मिनट का रह जाएगा। वर्तमान में लोगों को भारी जाम और खराब सड़कों से जूझना पड़ता है, लेकिन नमो भारत और मेट्रो के इस 'जुगलबंदी' वाले ट्रैक से फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा की डगर भी आसान हो जाएगी। फिलहाल डीपीआर में बदलाव की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।