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Gurugram Police: गुड़गांव पुलिस की बड़ी कामयाबी: मध्य प्रदेश में चल रही अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी, 30 साल से एक्टिव था सरगना

Jun 13, 2026 4:46 PM

गुड़गांव। दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों के अपराधियों को मौत का सामान सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क को गुड़गांव पुलिस ने उखाड़ फेंका है। पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच सेक्टर-31) ने सूझबूझ और बेहतरीन नेटवर्क का परिचय देते हुए मध्य प्रदेश के बीहड़ों व इलाकों में छिपी अवैध हथियार बनाने वाली एक पूरी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस पूरी कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस को इसकी जानकारी किसी बड़े इनपुट से नहीं, बल्कि सड़क पर पकड़े गए एक छोटे से अपराधी से मिली थी। तफ्तीश की सुई जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस सप्लायर को लांघते हुए सीधे उस 'फैक्ट्री' तक पहुंच गई जहां ये अवैध हथियार ढाले जा रहे थे।

एक गिरफ्तारी और तीन राज्यों में फैला जाल, एसीपी ने खोला राज

शनिवार को आयोजित एक पत्रकारवार्ता के दौरान एसीपी (क्राइम-1) नवीन शर्मा ने इस पूरे फिल्मी और रणनीतिक ऑपरेशन का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले टीम ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले योगेश नाम के एक युवक को अवैध हथियार के साथ दबोचा था, जिसके पास से तीन तमंचे बरामद हुए थे। जब योगेश से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने उगला कि वह यह माल यूपी के ही रहने वाले जसबीर से लेकर आया था। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाकर जसबीर को भी उठा लिया। जसबीर से जब पूछताछ हुई, तो कहानी में एक नया मोड़ आया। उसने बताया कि वह तो सिर्फ एक जरिया (सप्लायर) है, असली खेल तो मध्य प्रदेश का रहने वाला जगत सिंह खेल रहा है।

30 साल से चल रहा था धंधा, ₹15,000 में बिकती थी मौत की गारंटी

जसबीर से सटीक लोकेशन मिलते ही गुड़गांव पुलिस की एक स्पेशल टीम ने मध्य प्रदेश में बताए गए ठिकाने पर अचानक दबिश दी। पुलिस की इस सर्जिकल स्ट्राइक में मुख्य कारीगर और सरगना जगत सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से हथियार बनाने के भारी मात्रा में औजार, लेथ मशीन के उपकरण और 6 बनी हुई मैगजीन बरामद की गईं। प्रारंभिक पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया। आरोपी जगत सिंह पिछले लगभग 3 दशक (30 साल) से इस अवैध धंधे में लिप्त था। वह अपराधियों की डिमांड के हिसाब से देसी कट्टा, पिस्टल या रिवॉल्वर तैयार करता था और इन्हें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात के अपराधियों को ₹15,000 से ₹20,000 के मामूली दामों पर बेच देता था।

14 मुकदमों का इतिहास, रिमांड में खुलेंगे कई बड़े राज

हथियारों के इस सौदागर का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा है। उसके खिलाफ पहले से ही आर्म्स एक्ट और अवैध निर्माण सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत 14 मामले दर्ज हैं और वह फिलहाल जमानत पर बाहर आकर दोबारा इसी धंधे को चमका रहा था। एसीपी नवीन शर्मा ने बताया कि आरोपी जगत सिंह को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस रिमांड अवधि के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि हाल के दिनों में उसने किन-किन गैंग्स को हथियारों की खेप भेजी है और क्या इन हथियारों का इस्तेमाल दिल्ली-एनसीआर में हुई किसी बड़ी वारदात या हत्या में हुआ है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी हो सकती है।

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