Haryana Bus Pass Rules: हरियाणा के छात्रों के लिए खुशखबरी, अब रोडवेज की ई-बसों में भी मान्य होंगे स्टूडेंट बस पास, सीएम का वादा पूरा

हरियाणा के छात्रों के लिए खुशखबरी, अब रोडवेज की ई-बसों में भी मान्य होंगे स्टूडेंट बस पास, सीएम का वादा पूरा
Haryana Bus Pass Rules: प्रदेश में उच्च शिक्षा और स्कूली पढ़ाई कर रहे युवाओं की राह अब और सुगम होने जा रही है। हरियाणा सरकार ने परिवहन व्यवस्था में बड़ा सुधार करते हुए विद्यार्थियों को मिलने वाले ‘बस पास’ का दायरा बढ़ा दिया है।
अब तक केवल साधारण (ऑर्डिनरी) रोडवेज बसों तक सीमित रहने वाले छात्र पास अब राज्य परिवहन की आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल ई-बसों (Electric Buses) में भी पूरी तरह मान्य होंगे। परिवहन विभाग ने इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू करने के प्रशासनिक आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे रोजाना किलोमीटरों का सफर तय करने वाले हजारों छात्र-छात्राओं ने राहत की सांस ली है।
प्रतिदिन 150 किलोमीटर तक के सफर की मिलेगी छूट
परिवहन विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, विद्यार्थी अपने मान्यता प्राप्त बस पास के जरिए रोजाना 150 किलोमीटर तक की दूरी ई-बसों से तय कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें न तो कोई अतिरिक्त सर्विस चार्ज देना होगा और ना ही अलग से टिकट कटवानी पड़ेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य दूरदराज के गांवों से शहरों के कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज और कोचिंग सेंटरों तक पहुंचने वाले युवाओं की जेब पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना और उन्हें सुरक्षित व वातानुकूलित सफर मुहैया कराना है।
सीएम नायब सैनी ने पानीपत में की थी घोषणा, अब जमीन पर उतरी योजना
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसी वर्ष 28 मई को पानीपत में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया था।
सीएम की उस घोषणा पर अमल करते हुए अब रोडवेज महानिदेशालय ने सभी डिपो प्रबंधकों को ई-बसों में छात्रों के पास स्वीकार करने के निर्देश भेज दिए हैं। सोनीपत डिपो का ही उदाहरण लें तो यहां से फिलहाल दिल्ली आईएसबीटी, गोहाना, गन्नौर और पानीपत रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। अकेले सोनीपत जिले में ही लगभग 25 हजार विद्यार्थियों को इस फैसले का सीधा फायदा मिलने जा रहा है।
शिक्षा को बढ़ावा और ग्रीन ट्रांसपोर्ट पर जोर
राज्य सरकार की इस पहल को शिक्षा के प्रोत्साहन और प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने से जोड़कर देखा जा रहा है। अकसर देखा जाता था कि साधारण बसों में भारी भीड़ होने के कारण छात्र समय पर अपनी कक्षाओं तक नहीं पहुंच पाते थे और खाली जाने वाली ई-बसों में पास न चलने के कारण उन्हें भारी किराया चुकाना पड़ता था। अब ई-बसों में एंट्री मिलने से जहां छात्रों का समय बचेगा, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को लेकर युवा वर्ग में जागरूकता भी बढ़ेगी।
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