Haryana Fasal Bima Yojana: फसल बीमा बना किसानों का सुरक्षा कवच, 9 साल में 82.8 लाख आवेदन हुए लाभान्वित

फसल बीमा बना किसानों का सुरक्षा कवच, 9 साल में 82.8 लाख आवेदन हुए लाभान्वित
Haryana Fasal Bima Yojana: (मुनीश मुंडे) मौसम की मार, प्राकृतिक आपदा और फसल खराब होने के जोखिम के बीच प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हरियाणा के किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का बड़ा सहारा बन रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में योजना के तहत 388.9 लाख किसान आवेदन बीमित हुए, जिनमें से 82.8 लाख आवेदन लाभान्वित हुए और किसानों को 9,015.2 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया गया।
अकेले 2024-25 में ही 94.28 लाख आवेदन बीमित हुए और 17.24 लाख आवेदन को योजना का लाभ मिला। अब खरीफ 2026 की फसलों को बीमा सुरक्षा देने के लिए किसानों के पास 14 अगस्त तक का समय है। करनाल में धान, बाजरा, मक्का और कपास की फसल का बीमा कराया जा सकता है। ऐसे में अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ किसानों को अपनी फसल का बीमा करवाने के लिए सक्रिय होने की जरूरत है।
साल में 94.28 लाख आवेदन
केंद्र सरकार की ओर से संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 2024-25 में हरियाणा में 94,27,621 किसान आवेदन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित हुए। इनमें से 17,24,053 आवेदन लाभान्वित हुए। यह आंकड़ा प्रदेश में फसल बीमा के प्रति किसानों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सरकारी रिकॉर्ड में संख्या किसान आवेदनों के रूप में दर्ज होती है। एक किसान अलग-अलग फसलों या सीजन में एक से अधिक आवेदन कर सकता है। इसलिए इन आंकड़ों को सीधे अलग-अलग किसानों की संख्या नहीं माना जा सकता।
तीन साल में 56.63 लाख आवेदन को मिला लाभ
वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2,99,11,707 किसान आवेदन बीमित हुए। इनमें से 56,62,712 आवेदन लाभान्वित हुए। इस अवधि में किसानों को 3,149.98 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया गया।
करनाल में 1.24 करोड़ के दावों का भुगतान
करनाल की बात करें तो उपलब्ध केंद्रीय आंकड़ों के अनुसार 2022-23 से 2024-25 के दौरान जिले में 1.24 करोड़ रुपये के बीमा दावों का भुगतान किया गया। हालांकि करनाल में 2025 के दौरान कितने किसान आवेदन बीमित हुए और कितनों को इसका लाभ मिला, इसका स्पष्ट जिला-वार आंकड़ा उपलब्ध केंद्रीय दस्तावेज में नहीं है।
14 अगस्त तक फसल बीमा का मौका
खरीफ 2026 के लिए किसानों को धान, बाजरा, मक्का और कपास की फसलों का बीमा करवाने का अवसर दिया गया है। करनाल कृषि विभाग के अनुसार 14 अगस्त अंतिम तारीख है। किसान संबंधित बैंक, जन सेवा केंद्र (सीएससी), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के ऑनलाइन पोर्टल अथवा फसल बीमा कंपनी एचडीएफसी ईआरजीओ के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं।
फसल खराब होने पर 72 घंटे में दें सूचना
बीमित किसान की फसल खराब होने की स्थिति में कृषि रक्षक पोर्टल अथवा टोल-फ्री नंबर 14447 के माध्यम से 72 घंटे के अंदर नुकसान की सूचना दे सकते हैं। इसके बाद संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और कृषि विभाग के कर्मचारी किसान की मौजूदगी में फसल नुकसान का सर्वे करेंगे। नुकसान के प्रतिशत के आधार पर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
बैंक, सीएससी और ऑनलाइन पोर्टल से कराएं बीमा : डॉ. जसविंदर
उप कृषि निदेशक डॉ. जसविंदर सिंह ने किसानों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपनी फसल का बीमा कराएं। उन्होंने बताया कि खरीफ 2026 के लिए धान, बाजरा, मक्का और कपास की फसलों का बीमा 14 अगस्त तक कराया जा सकता है।
किस फसल का कितना प्रीमियम
धान: 892.49 रुपये प्रति एकड़
मक्का: 463.04 रुपये प्रति एकड़
बाजरा: 435.27 रुपये प्रति एकड़
कपास: 2,309.43 रुपये प्रति एकड़
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