August 2, 2026

Haryana News: हरियाणा ITI के छात्रों की बल्ले-बल्ले, हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये, सरकार का बड़ा फैसला

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Haryana News: हरियाणा ITI के छात्रों की बल्ले-बल्ले, हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये, सरकार का बड़ा फैसला

आर्थिक तंगी से नहीं छूटेगी पढ़ाई, हरियाणा सरकार देगी आईटीआई छात्रों को स्टाइपेंड

Haryana News: हरियाणा की सैनी सरकार ने राज्य के युवाओं को हुनरमंद बनाने और तकनीकी शिक्षा के प्रति उनका रुझान बढ़ाने के लिए एक बेहद दूरगामी कदम उठाया है।

सरकार अब प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में दाखिला लेने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों को हर महीने 2,000 रुपये का वजीफा देगी। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की इस पहल का सीधा मकसद उन मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को सहारा देना है, जो अक्सर पैसों की तंगी के चलते बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं।

युवाओं के भविष्य में निवेश, बढ़ेगी उपस्थिति

कौशल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस योजना को महज एक सरकारी खैरात या वित्तीय सहायता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह सूबे के युवाओं के सुरक्षित भविष्य में किया जा रहा सीधा निवेश है।

वजीफा मिलने से न सिर्फ छात्रों की दफ्तरों और वर्कशॉप में नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि तकनीकी शिक्षा भी युवाओं के लिए अधिक आकर्षक और रोजगारपरक बनेगी। सरकार का गणित साफ है कि जब युवाओं को जेब खर्च की चिंता नहीं होगी, तो वे पूरा ध्यान अपनी स्किल को निखारने में लगा सकेंगे।

1 लाख सीटें और आधुनिक कोर्सों की भरमार

वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए हरियाणा के कुल 377 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश की खिड़की खुल चुकी है। इनमें 197 सरकारी और 180 निजी आईटीआई संस्थान शामिल हैं, जिनमें कुल मिलाकर करीब 1 लाख सीटें उपलब्ध हैं।

इस बार पारंपरिक फिटर, इलेक्ट्रिशियन जैसे तकनीकी ट्रेडों के अलावा 89 से ज्यादा ऐसे नए इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग कोर्स शामिल किए गए हैं, जिनकी आज के आधुनिक औद्योगिक बाजार में भारी मांग है।

उद्योगों के साथ ट्रेनिंग: कतार में खड़े मिलेंगे रोजगार

इस बार सरकार का सबसे ज्यादा जोर ‘ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग’ (DST) पर है। इस खास व्यवस्था के तहत छात्रों को केवल क्लासरूम के भीतर थ्योरी नहीं पढ़ाई जाएगी, बल्कि उन्हें सीधे फैक्ट्रियों और उद्योगों में ले जाकर मशीनों पर व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी।

इससे छात्र लाइव प्रोजेक्ट्स, सुरक्षा मानकों और औद्योगिक कार्यप्रणाली को बारीकी से समझ सकेंगे। इस मॉडल से पढ़ाई पूरी करते ही युवाओं को सीधे रोजगार मिलने की राह आसान हो जाएगी, वहीं उद्योगों को भी पहले से तैयार कुशल मैनपावर मिल सकेगी।

8वीं से 12वीं पास के लिए मौका, हेल्प सेंटर सक्रिय

अगर शैक्षणिक योग्यता की बात करें, तो अलग-अलग ट्रेड के हिसाब से 8वीं, 10वीं और 12वीं पास युवा इन कोर्सों के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

ग्रामीण इलाकों के छात्रों और कंप्यूटर की कम समझ रखने वाले आवेदकों की सुविधा के लिए विभाग ने सभी आईटीआई परिसरों में विशेष हेल्प सेंटर (सहायता केंद्र) स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर तैनात स्टाफ छात्रों को मुफ्त में रजिस्ट्रेशन, दस्तावेजों के सत्यापन और मेरिट लिस्ट के आधार पर सीट आवंटन से जुड़ी हर प्रकार की तकनीकी मदद मुहैया करा रहा है।

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