Haryana News: क्या आपका वाहन भी है 10 साल पुराना? हरियाणा परिवहन विभाग हटाने जा रहा 96,000 कमर्शियल गाड़ियां

क्या आपका वाहन भी है 10 साल पुराना? हरियाणा परिवहन विभाग हटाने जा रहा 96,000 कमर्शियल गाड़ियां
Haryana News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लगातार गहराते वायु प्रदूषण पर लगाम कसने और शीर्ष अदालत के कड़े रुख के बाद हरियाणा सरकार ने अब आर-पार की तैयारी कर ली है। राज्य सरकार की ‘परिवर्तन योजना’ (वाहन स्क्रैपिंग नीति) के तहत हरियाणा के 14 NCR जिलों से 10 साल की मियाद पूरी कर चुके लगभग 96,000 कमर्शियल डीजल वाहनों को सड़कों से हटाने का काम तेज कर दिया गया है।
इस सिलसिले में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा के परिवहन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान केंद्रीय सचिव ने हरियाणा परिवहन विभाग द्वारा इस दिशा में की जा रही त्वरित और प्रभावी प्रगति की खुलकर सराहना की।
बसों और ट्रकों पर शिकंजा, 96 हजार से अधिक वाहन चिह्नित
सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के मुताबिक एनसीआर क्षेत्र में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से पाबंदी लागू है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 14 एनसीआर जिलों में BS-I से लेकर BS-III श्रेणी के कुल 96,041 वाहनों को इस कार्रवाई के दायरे में चिह्नित किया गया है। इनमें 81,079 भारी ट्रक और 15,362 कमर्शियल बसें शामिल हैं, जिन्हें जल्द ही सड़कों से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर मिलेगा बंपर ऑफर
मजबूरी में गाड़ियां कबाड़ में देने वाले वाहन मालिकों को राहत देने के लिए सरकार ने परिवर्तन योजना के तहत बड़े आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया है। योजना के अनुसार, यदि कोई मालिक अपना पुराना वाहन अधिकृत केंद्र में स्क्रैप कराकर नया BS-VI, CNG, LPG या इलेक्ट्रिक (EV) ट्रक या बस खरीदता है, तो उसे आकर्षक सब्सिडी दी जाएगी।
इसके साथ ही नए वाहन के रजिस्ट्रेशन के दौरान रोड टैक्स में 10 प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक की बड़ी छूट मिलेगी।
डिजिटल निगरानी से कसेगा शिकंजा
हरियाणा के परिवहन आयुक्त एवं सचिव अतुल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि अब पुराने या अनफिट वाहनों का सड़कों पर छिपकर चलना मुमकिन नहीं होगा। विभाग पूरी तरह से डिजिटल रिकॉर्ड्स की मदद ले रहा है।
वाहनों के रजिस्ट्रेशन और फिटनेस सर्टिफिकेट का पूरा ब्योरा ऑनलाइन ट्रैक किया जा रहा है, जिससे मियाद पूरी कर चुके वाहनों की पहचान करना और उन पर कानूनी शिकंजा कसना बेहद आसान हो गया है। सरकार की इस सख्ती से जहां प्रदूषण में भारी कमी आने की उम्मीद है, वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में नए और कम उत्सर्जन वाले वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ेगी।Haryana News: क्या आपका वाहन भी है 10 साल पुराना? हरियाणा परिवहन विभाग हटाने जा रहा 96,000 कमर्शियल गाड़ियां
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