September 5, 2026

Rewari : रेवाड़ी के बोड़िया कमालपुर में सनसनी, जन्माष्टमी पर बड़े शिव मंदिर में आधी रात को चली गोलियां, मची भगदड़

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Rewari : रेवाड़ी के बोड़िया कमालपुर में सनसनी, जन्माष्टमी पर बड़े शिव मंदिर में आधी रात को चली गोलियां, मची भगदड़

रेवाड़ी का बोड़िया कमालपुर मंदिर जहां फायरिंग हुई

Rewari : जिले के बोड़िया कमालपुर गांव स्थित बड़े शिव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उस वक्त अफरा-तफरी और दहशत फैल गई, जब आधी रात को दही-हांडी (मटकी) तोड़ने को लेकर हुए विवाद के चलते युवकों ने ताबड़तोड़ चार राउंड हवाई फायरिंग कर दी। घटना के समय मंदिर में भव्य जागरण चल रहा था और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

फायरिंग की आवाज सुनते ही कार्यक्रम में भगदड़ मच गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शनिवार को मंदिर में आयोजित होने वाले भंडारे और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

लाइट कटते ही युवकों ने की अंधाधुंध फायरिंग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जन्माष्टमी की रात बड़े शिव मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। जैसे ही आधी रात को मटकी तोड़ने का समय आया और लाइट काटी गई, गांव के ही एक युवक प्रमोद ने अपने पड़ोसी गांव मांढियां निवासी साथियों संजीत, चीकू और सोले के साथ मिलकर कथित तौर पर हवा में गोलियां चला दीं।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रमोद खुद अपने साथियों के साथ मटकी फोड़ना चाहता था और इसी वर्चस्व के चलते उसने अंधेरे का फायदा उठाकर चार राउंड हवाई फायर किए।

घटना की सूचना मिलने पर गांव की सरपंच नेहा और मंदिर कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचे। सरपंच ने बताया कि रात को ही पुलिस को घटना की जानकारी दे दी गई थी।

Rewari : रेवाड़ी के बोड़िया कमालपुर में सनसनी, जन्माष्टमी पर बड़े शिव मंदिर में आधी रात को चली गोलियां, मची भगदड़
पुलिस की गाड़ी और मौके पर उपस्थित ग्रामीण

वहीं, सदर थाना एसएचओ राकेश कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि दही-हांडी तोड़ने के विवाद में फायरिंग की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है।

एक गांव, दो मंदिर और बढ़ती गुटबाजी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, परंपरा के अनुसार गांव के दोनों मंदिरों में जन्माष्टमी पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार रेवाड़ी में रह रही गांव की एक महिला के निधन के कारण छोटे मंदिर के आयोजकों ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया था।

जबकि बड़े मंदिर के आयोजकों ने इसे जारी रखा। हालांकि, इस फायरिंग की घटना को गांव में पनप रही आपसी गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शनिवार को मंदिर में आयोजित भंडारे के दौरान भी दिनभर इसी घटना की चर्चाएं छाई रहीं।

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