August 31, 2026

Karnal News: रिटायरमेंट के दिन खौफनाक कदम, करनाल में सस्पेंडेड SE गीतू राम तंवर ने कार में जहर खाकर दी जान

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Karnal News: रिटायरमेंट के दिन खौफनाक कदम, करनाल में सस्पेंडेड SE गीतू राम तंवर ने कार में जहर खाकर दी जान

रिटायरमेंट के दिन खौफनाक कदम, करनाल में सस्पेंडेड SE गीतू राम तंवर ने कार में जहर खाकर दी जान

Karnal News: हरियाणा के करनाल से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) के निलंबित सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) गीतू राम तंवर ने सोमवार सुबह अपनी ही कार में जहर खाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। विडंबना यह रही कि जिस दिन उन्हें अपनी बेदाग सेवा के बाद सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त (Retire) होना था, उसी दिन उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर से परिवार और प्रशासनिक महकमे में सन्नाटा पसर गया।

परिजनों को फोन पर कहा— ‘अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आता हूं’

परिजनों के अनुसार, 58 वर्षीय गीतू राम तंवर सोमवार सुबह करीब 7 बजे अपने करनाल स्थित घर से गाड़ी लेकर निकले थे। इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों को फोन किया और बेहद भावुक होकर कहा, “मैं अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आता हूं।”

यह सुनते ही परिजन घबरा गए और उनकी तलाश शुरू की। थोड़ी देर बाद डीएवी स्कूल के पास खड़ी उनकी कार के पिछले हिस्से में उनका शव पड़ा मिला। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को गाड़ी के भीतर से चार पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

जाट समाज पर टिप्पणी का वीडियो वायरल होने से विवादों में आए थे

बता दें कि करीब पांच महीने पहले सोनीपत में पोस्टिंग के दौरान गीतू राम तंवर का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। यह वीडियो सोनीपत डीसी कैंप कार्यालय की एक बैठक का बताया गया था, जिसमें उन्होंने जाट समाज और प्रशासनिक व्यवस्था में जातिवाद को लेकर कथित तौर पर कई तीखी और आपत्तिजनक बातें कही थीं।

वीडियो के तूल पकड़ने के बाद बिजली निगम के प्रबंध निदेशक (MD) ने उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था। परिजनों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद से ही वे लगातार भारी मानसिक दबाव और अवसाद से गुजर रहे थे।

विभागीय सहयोगियों ने ही खोला था मोर्चा, दर्ज कराई थी शिकायत

गीतू राम तंवर का विवादों से गहरा नाता रहा। सोनीपत में उनकी तैनाती के दौरान बिजली निगम के ही अधीनस्थ अधिकारियों—एक्सईएन रणवीर देशवाल, एक्सईएन अश्वनी कौशिक, एसडीओ सतीश गोयत और एसडीओ प्रदीप खोखर—ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री, बिजली निगम के एमडी और पुलिस कमिश्नर ममता सिंह से लिखित शिकायत कर आरोप लगाया था कि एसई उन पर जबरन बिल पास करने का दबाव बनाते हैं, बैठकों में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और विरोध करने पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकियां देते हैं। हालांकि, गीतू राम ने अपने जीवनकाल में इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्हें बिना निष्पक्ष जांच के बलि का बकरा बनाया गया।

परिवार ने लगाए प्रताड़ना के गंभीर आरोप, जांच में जुटी पुलिस

रिटायरमेंट के ठीक दिन हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने सीधे तौर पर चार लोगों पर गीतू राम को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। करनाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके से मिले 4 पन्नों के सुसाइड नोट की बारीकी से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट में किन-किन लोगों के नामों का जिक्र है और आत्महत्या की असली वजह क्या रही, यह फॉरेंसिक जांच और सुसाइड नोट के अध्ययन के बाद ही साफ हो पाएगा।

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