सीएम सैनी की अध्यक्षता में हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक, पारदर्शी खरीद और गुणवत्ता पर दिया जोर
Mar 26, 2026 5:31 PM
हरियाणा। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में वीरवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हाई पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की एक अहम बैठक संपन्न हुई। आगामी रबी विपणन सीजन 2026-27 की आहट के बीच, सरकार ने मंडियों में आने वाले गेहूं के सुरक्षित रखरखाव को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। बैठक के दौरान जूट और अन्य बैगों की खरीद से संबंधित दो महत्वपूर्ण एजेंडे रखे गए थे। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई गहन चर्चा और नेगोशिएशन का नतीजा यह रहा कि जो खरीद पहले ऊंचे दामों पर प्रस्तावित थी, उसमें करीब 80 करोड़ रुपये की कमी लाई गई। अब 550 करोड़ रुपये की लागत से इन बैगों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षित भंडारण: किसानों की मेहनत को नहीं लगने देंगे आंच
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि प्रदेश का अन्नदाता साल भर पसीना बहाकर अनाज पैदा करता है, ऐसे में उसकी फसल के सुरक्षित भंडारण में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जूट बैगों की यह खरीद मुख्य रूप से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड (HAFED) और हरियाणा राज्य भंडारण निगम की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। इन बैगों की उपलब्धता समय पर होने से मंडियों में गेहूं की आवक के दौरान 'बारदाने' की किल्लत नहीं होगी और उठान (Lifting) की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चलेगी।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर: अधिकारियों को सख्त हिदायत
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में कहा कि खरीद प्रक्रिया न केवल पारदर्शी होनी चाहिए, बल्कि तय किए गए गुणवत्ता मानकों पर भी खरी उतरनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि रबी सीजन शुरू होने से पहले सभी तैयारियां युद्ध स्तर पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकारी संसाधनों का एक-एक पैसा जनता की अमानत है और इसका सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है।"
मंडियों में नहीं होगी परेशानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रबी सीजन की पूर्व तैयारियों की समीक्षा करने को भी कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडियों में आने वाली फसल के प्रबंधन, बिजली-पानी की व्यवस्था और लेबर की उपलब्धता को लेकर अभी से माइक्रो-प्लानिंग की जाए। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और खरीद के तुरंत बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाए।