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दिग्विजय चौटाला की बढ़ी मुश्किलें: कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ और हंगामे के आरोप में एफआईआर दर्ज

Apr 20, 2026 11:00 AM

हरियाणा। हरियाणा की सियासत में इन दिनों दिग्विजय चौटाला कानूनी शिकंजे में घिरे नजर आ रहे हैं। हिसार में हुई पुलिसिया भिड़ंत की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूरा मामला 7 अप्रैल को यूनिवर्सिटी के डॉ. आरके सदन में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। आरोप है कि जजपा नेताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को गुमराह कर एक सामाजिक कार्यक्रम की अनुमति ली, लेकिन मौके पर इसे राजनीतिक अखाड़े में तब्दील कर दिया गया। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (CSO) आनंद कुमार की शिकायत पर थाना कयूके पुलिस ने अब दिग्विजय चौटाला और उनके करीब एक दर्जन साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

सामाजिक मकसद का मुखौटा और राजनीतिक भाषणबाजी

यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि 2 अप्रैल को इस कार्यक्रम की बुकिंग के लिए आवेदन आया था। इसमें दावा किया गया था कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर रखना और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। सामाजिक सरोकार का हवाला देते हुए प्रशासन ने इसकी मंजूरी दे दी। लेकिन CSO की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अप्रैल को सदन के अंदर ड्रग्स पर चर्चा के बजाय तीखे राजनीतिक तीर चले। आरोप है कि वहां मौजूद 300-400 बाहरी लोगों और छात्रों के बीच ऐसे भाषण दिए गए जिनसे कैंपस का माहौल खराब हुआ और छात्रों के गुटों में वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की गई।

प्रोफेसर पर गिरी गाज, संपत्ति के नुकसान की भरपाई पर अड़ी यूनिवर्सिटी

इस पूरे घटनाक्रम में यूनिवर्सिटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अजायब सिंह को सस्पेंड कर दिया है, क्योंकि उन्हीं के माध्यम से यह हॉल बुक कराया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हंगामे के दौरान सदन की लगभग 80 कुर्सियां तोड़ दी गईं और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। यूथ कल्चरल अफेयर्स डिपार्टमेंट की आंतरिक रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी।

इन दिग्गजों पर दर्ज हुई एफआईआर

पुलिस ने दिग्विजय चौटाला के साथ-साथ जजपा के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. जसविंदर खैहरा, प्रोग्राम ऑर्गेनाइजर विशाल मुकुमपुरा, नवीन सुहाग, इनसो प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक, राजेश पायलट, मंजू जाखड़, राजू कुल, माही और इशिका राणा को नामजद किया है। पुलिस अब इस मामले में यूनिवर्सिटी के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि तोड़फोड़ करने वाले चेहरों की पहचान की जा सके। चुनाव से ठीक पहले एक के बाद एक दर्ज हो रही एफआईआर ने जजपा की युवा विंग की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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